महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की राज्य स्तरीय बैठक शिमला के शोघी में हुई।
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कोरोना वैक्सीन और बच्चों के टीकाकरण समेत 36 राष्ट्रीय कार्यक्रमों का कार्यभार संभालने वाली महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सरकार ने वर्ष 1988 के बाद पदोन्नत ही नहीं किया है। एक हजार से भी अधिक कार्यकर्ता एक ही पद पर सेवाएं दे रही हैं। सरकार की अनदेखी के चलते इन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं में रोष पनप गया है। वहीं इन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने कोरोना काल में उन्हें सौंपे गए वैक्सीनेशन समेत तमाम कार्यों का बहिष्कार करने की भी चेतावनी दी है।
महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता संगठन की राज्य स्तरीय बैठक रविवार को शोघी में हुई। बैठक की अध्यक्षता संगठन की अध्यक्ष आशा कंवर ने की। उन्होंने कहा कि महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता 32 सालों से एक पद पर सेवाएं दे रही हैं। इनके पास अपने स्वास्थ्य केंद्र के अलावा 4-5 स्वास्थ्य केंद्रों का अतिरिक्त कार्यभार भी है।
इन्हीं कार्यकर्ताओं की मेहनत के कारण सरकार को नेशनल कार्यक्रमों में अवार्ड तक मिल रहे हैं। लेकिन अब सरकार द्वारा की जा रही अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अध्यक्ष ने चेताया है कि सीएचसी व पीएचसी में भी महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता टीकाकरण करना बंद कर देंगी। वहां पर जो भी कर्मचारी ड्यूटी पर होगा, उन्हें ही यह कार्य करना होगा।
बैठक में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पद भरने की मांग भी उठाई। बैठक में वरिष्ठ उपप्रधान सरोज ठाकुर, उपप्रधान निर्मला नेगी, महासचिव मधु शर्मा, सचिव नेना, सह सचिव रीता शर्मा, कैशियर सरोज नेगी, प्रेस सचिव नीना मनकोटिया, मुख्य सलाहकार रक्षा राठौर, आर्गेनाइजिंग सचिव अचला गुप्ता और किरन शर्मा मौजूद रहीं।