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तैयारी: अपने कोल्ड स्टोर, पैकेजिंग और ग्रेडिंग मशीनें स्थापित कर सकेंगे अब बागवान

Fri, 17 Sep 2021 02:23 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

केंद्र सरकार ने 10,000 नए एफपीओ बनाने की मंजूरी दी है। इसी कड़ी में प्रदेश में इस वित्तीय वर्ष में सौ संगठन बनाने का फैसला लिया है। हर संगठन में कम से कम 100 किसान-बागवान शामिल करना अनिवार्य रहेगा।
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सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के बागवान जल्द ही स्वयं कोल्ड स्टोर और पैकेजिंग और ग्रेडिंग मशीनें स्थापित कर सकेंगे। इस वर्ष सेब उत्पादन वाले क्षेत्रों में पेश आई परेशानियां दूर करने के लिए सरकार कोऑपरेटिव किसानी उत्पादक संगठन (एफपीओ) गठित करने की योजना बनाने में जुट गई है। 

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किसानों-बागवानों को उनकी उपज के लिए बाजार और बिचौलियों के मकड़जाल से मुक्ति दिलाने के लिए सहकारिता विभाग प्रदेश में सौ एफपीओ बनाने जा रहा है। केंद्र सरकार ने 6865 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान से देशभर में नई योजना शुरू की है। योजना को हिमाचल की जरूरतों के हिसाब से सहकारिता विभाग तैयार कर रहा है। 

कृषि भूमि उपजाने वाले नए संगठनों का निर्माण और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार ने यह योजना शुरू की है। योजना में किसानों-बागवानों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें समृद्ध बनाया जाएगा। इसके लिए एफपीओ बनाना होगा। 
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केंद्र सरकार ने 10,000 नए एफपीओ बनाने की मंजूरी दी है। इसी कड़ी में प्रदेश में इस वित्तीय वर्ष में सौ संगठन बनाने का फैसला लिया है। हर संगठन में कम से कम 100 किसान-बागवान शामिल करना अनिवार्य रहेगा। प्रदेश में पहले से गठित करीब 40 कोऑपरेटिव सोसायटियाें को एफपीओ के तौर पर तबदील करने की योजना है। 

खाद, बीज, दवाइयां और कृषि उपकरण खरीदना होगा आसान
सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि एफपीओ किसानों-बागवानों का एक समूह होगा। जो कृषि-बागवानी उत्पादन कार्य में लगा हो। यह संगठन कृषि और बागवानी से जुड़ी व्यावसायिक गतिविधियां चलाएगा। एक समूह बनाकर उसे कंपनी एक्ट में पंजीकृत करवा सकते हैं। संगठन के माध्यम से खाद, बीज, दवाइयों और कृषि उपकरण खरीदना आसान होगा, जल्द योजना को अंतिम रूप देकर कैबिनेट की मंजूरी के लिए लाया जाएगा।

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