पंचायत चुनाव ड्यूटी (सांकेतिक तस्वीर)
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पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के दौरान ड्यूटी में कोताही करने वाले कर्मियों पर चुनाव आयोग की गाज गिरना तय है। आयोग विभागाध्यक्षों की जांच रिपोर्ट के इंतजार में है। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट आते ही आयोग तत्काल इनके खिलाफ सेवा नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगा।
चुनाव ड्यूटी पर तैनात दस कर्मचारियों ने सही तरीके से ड्यूटी नहीं दी। आयोग के आदेश पर दस कर्मचारी निलंबित किए जा चुके हैं। सिरमौर में 4, शिमला 3, कांगड़ा 2 और बिलासपुर के एक कर्मचारी पर कार्रवाई की जा चुकी है। राज्य चुनाव आयोग ने सभी दस कर्मचारियों की विस्तृत जांच रिपोर्ट विभागाध्यक्षों से मांगी है।
विभागाध्यक्षों की रिपोर्ट के बाद दोषी कर्मचारियों की वेतनवृद्धियां छीनने की तैयारी है या फिर इन्हें डिमोट तक किया जा सकता है। यह रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि इन पर किस स्तर की कार्रवाई की जाए। उल्लेखनीय है कि शिमला के तीनों मुलाजिमों ने बैलेट पेपर पर वोटरों के नाम लिख दिए थे।
सिरमौर के चारों कर्मचारियों ने चुनाव ड्यूटी ज्वाइन नहीं की। उन्होंने मोबाइल भी बंद कर दिए थे। बिलासपुर के कर्मचारी ने प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों से अभद्र व्यवहार किया था। कांगड़ा के दोनों कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने मतगणना के समय सही तरीके से ड्यूटी नहीं की। इस कारण इन्हें निलंबित किया गया है।
राज्य चुनाव अधिकारी संजीव महाजन ने कहा कि चुनाव ड्यूटी में कोताही बरतने वालों के खिलाफ विभागाध्यक्षों से जांच रिपोर्ट मांगी है। इसके आधार पर अगली कार्रवाई होगी।