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Himachal News: ईडी के साथ सीआईएसएफ का सुरक्षा दस्ता अटैच, 40 जवानों ने बुधवार को संभाला कार्यभार

Thu, 19 Feb 2026 09:51 AM IST
अंकेश डोगरा विश्वास भारद्वाज, शिमला।

सार

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के 40 जवानों ने बुधवार को शिमला में कार्यभार संभाल लिया। बता दें कि ईडी मुख्यालय के साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीआईएसएफ का एक विशेष सुरक्षा दस्ता तैनात किया है। जानें विस्तार से...
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डिजाइन फोटो। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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राजधानी शिमला में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मुख्यालय के साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीआईएसएफ का एक विशेष सुरक्षा दस्ता तैनात किया है। एक सहायक कमांडेंट की अगुवाई में सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) के 40 जवानों ने बुधवार को शिमला में कार्यभार संभाल लिया। अब तक ईडी शिमला को कार्रवाई के लिए चंडीगढ़ से सीआईएसएफ के जवान मिलते थे।

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स्थायी तौर पर विशेष टुकड़ी मिलने से हिमाचल में हाई-प्रोफाइल छापेमारी में तेजी आने की संभावना है। प्रवर्तन निदेशालय हिमाचल में 2,300 करोड़ के क्रिप्टो करेंसी स्कैम, 250 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले और ऊना और कांगड़ा क्षेत्र में सक्रिय खनन माफिया से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की  जांच कर रहा है। इसके अलावा केसीसी बैंक ओटीएस मामले की जांच भी प्रगति पर है।

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ड्रग कंट्रोलर केस के अलावा करीब 2100 करोड़ के इंडियन टेक्नोमैक घोटाल की जांच भी प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है। संपत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई में अब सीआईएसएफ की टुकड़ी का प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों को सहयोग मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, हिमाचल में ईडी की ओर से की जा रही कुछ मामलों में जांच अंतिम चरण में है और जल्द ही संपत्तियों को भौतिक रूप से कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू होनी है।

संवेदनशील स्थिति में स्थानीय विरोध या राजनीतिक दबाव का सामना न करना पड़े इसके लिए ईडी को सीआईएसएफ की टुकड़ी उपलब्ध करवाई गई है। इस विशेष सुरक्षा दस्ते के सहयोग से ईडी की टीमें अब बिना किसी बाहरी दखल के औचक रेड कर सकेंगी।
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इन बड़े मामलों में तेज होगी जांच
क्रिप्टो स्कैम : प्रदेश के हजारों लोगों से ठगी करने वाले इस घोटाले के माफियाओं के खिलाफ ईडी अब बड़े स्तर पर संपत्तियों को कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
छात्रवृत्ति घोटाला : करीब 250 करोड़ के इस घोटाले में कई रसूखदार निजी शिक्षण संस्थान रडार पर हैं, 30 करोड़ की संपत्ति कुर्क होने के बाद अब अन्य संस्थानों पर दबिश हो सकती है।
टेक्नोमैक घोटाला : 2,100 करोड़ के इस बड़े बैंक फ्रॉड केस में कंपनी की अन्य कीमती संपत्तियों को अटैच करने की प्रक्रिया में तेजी आ सकती है।
 
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