हिमाचल और उत्तराखंड राज्य के दुर्गम इलाकों की भाग्य रेखा कहे जाने जाने वाले एनएच 707 पर फेडिज नामक स्थान पर बनाया जा रहा अस्थायी पुल निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही गिर गया है। रविवार सुबह निर्माण कार्य के दौरान पुल का अगला हिस्सा गिरकर शाल्वी नदी में जा पहुंचा। इसके चलते संबंधित विभाग और ठेकेदार पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
गत 10 दिन से इस सड़क पर बड़े वाहनों की आवाजाही पर प्रशासन ने प्रतिबंध लगा रखा था ताकि पुल के निर्माण कार्य में कोई अवरोध पैदा न हो। एसडीएम चौपाल ने आगामी 16 दिसंबर तक इस प्रतिबंध के प्रभावी रहने की अधिसूचना भी जारी की है। दरअसल, हिमाचल के सिरमौर और शिमला जिले के साथ-साथ उत्तराखंड राज्य के दुर्गम इलाकों को आपस में जोड़ने वाले एनएच 707 पर फेडिज नामक स्थान पर बने पुराने और जर्जर पुल की जगह डबल लेन का पुल बनना प्रस्तावित है। इसके निर्माण कार्य में काफी समय लगना तय है।
ऐसे में लोगों को लंबे समय तक आवागमन से वंचित न रहना पड़े इसलिए एक अस्थायी पुल का निर्माण भी किया जा रहा है। लेकिन अस्थायी पुल का निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही उसका यूं धराशायी होना एनएच विभाग के साथ-साथ कार्य कर रहे ठेकेदार की ओर से उपयोग की जा रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।
एनएच डिविजन नाहन के अधिशासी अभियंता अनिल शर्मा ने बताया कि एनएच 707 पर फेडिज में अस्थायी पुल का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है लेकिन रविवार सुबह अचानक पुल के पैनल खुलने से पुल का अगला हिस्सा गिर गया है जिसे बहुत जल्द दुरुस्त कर दिया जाएगा।