हिमाचल प्रदेश में लगातार गिर रहे सेब के दामों के बीच बागवानों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश के बागवानों को दो सीए स्टोर में चार हजार मीट्रिक टन सेब के भंडारण की सुविधा मिलेगी। दिसंबर तक रोहड़ू और गुम्मा में दो-दो हजार मीट्रिक टन सेब भंडारण की क्षमता बढ़ जाएगी। इससे क्षेत्र के सेब बागवान तैयार सेब की फसल भंडारित करके ऑफ सीजन में अच्छे रेट में बेच पाएंगे। इसके अलावा गुम्मा में 5600 मीट्रिक टन सेब ग्रेडिंग पैकिंग सेंटर भी सुविधा भी उपलब्ध होगी।
सरकार ने भले ही अच्छे सेब का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने में फिलहाल हाथ खड़े कर लिए हैं, लेकिन अब हिमाचल के सेब बागवान दो सीए स्टोरों में 4 हजार मीट्रिक टन सेब भंडारण की सुविधा मिल लाएगी। सेब सीजन जोरों पर हैं। प्रदेश के बागवान सेब के गिरते रेट को लेकर परेशान हैं। सेब के गिरते दामों के बाद बागवान सरकार पर दबाव बना रहे हैं कि अच्छे सेब का जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर एमएसपी दिया जाए। हालांकि, सरकार मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सी ग्रेड का सेब 9.50 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीद रही है। इससे बागवान ज्यादा खुश नहीं हैं।
वर्तमान मे दोनों सीए स्टोरों की क्षमता 14 सौ मीट्रिक टन
वर्तमान में रोहड़ू और गुम्मा सीए स्टोरों में फलों की भंडारण क्षमता 1400 मीट्रिक टन है। इसे बढ़ाकर दिसंबर तक चार हजार मीट्रिक टन किया जाएगा। रोहड़ू सीए स्टोर में 700 से 2000 मीट्रिक टन और गुम्मा सीए स्टोर में भंडारण क्षमता भी 700 से 2000 मीट्रिक टन की जा रही है।
गुम्मा में 5600 मीट्रिक पैकिंग ग्रेडिंग सेंटर
गुम्मा में सीए स्टोर के साथ ही 56 सौ मीट्रिक टन क्षमता के पैकिंग ग्रेडिंग सेंटर भी दिसंबर में ही उपलब्ध हो जाएगा। इससे बागवानों को आधुनिक मशीनों से फलों की पैकिंग और ग्रेडिंग की सुविधा मिलेगी।
प्रदेश सरकार के उपक्रम हिमाचल प्रदेश उद्यान उपज विपणन एवं विधायन निगम (एचपीएमसी) के प्रबंध निदेशक राजेश्वर गोयल कहते हैं कि रोहड़ू और गुम्मा में सीए स्टोरों में दिसंबर से भंडारण क्षमता चार हजार मीट्रिक टन उपलब्ध हो जाएगी। इसके अलावा गुम्मा में सेब के पैकिंग और ग्रेडिंग सेंटर में 5600 मीट्रिक टन फलों की ग्रेडिंग सुविधा उपलब्ध होगी।