हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2024 तक नए अतिरिक्त मुख्य सचिव मिलने के आसार नहीं हैं। वर्तमान प्रधान सचिव ओंकार शर्मा का वर्ष 2024, भरत हरबंस लाल खेड़ा और आरडी नजीम का वर्ष 2025 में 30 वर्ष का सेवाकाल पूरा होगा। ओंकार शर्मा 1994 बैच और खेड़ा और नजीम 1995 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। आईएएस कैडर में 30 वर्ष की सेवा पूरे करने वालों को अतिरिक्त मुख्य सचिव, 25 वर्ष की सेवा पूरे करने पर प्रधान सचिव और 16 वर्ष की सेवा पूरे करने पर सचिव का पद सौंपा जाता है।
आरडी धीमान के मुख्य सचिव बनने और निशा सिंह व संजय गुप्ता के प्रधान सलाहकार बनने पर प्रदेश सरकार में अब प्रबोध सक्सेना अकेले अतिरिक्त मुख्य सचिव रह गए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव को मुख्य सचिव के बराबर लेवल 17 का पे स्केल मिलता है। प्रधान सचिव को लेवल 15 और सचिव को लेवल 14 का पे स्केल मिलता है। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों को भत्ते और पेंशन भी अधिक मिलती है।
हिमाचल में अतिरिक्त मुख्य सचिव के दो पद स्वीकृत हैं। सरकार चाहे तो अधिक अधिकारियों को भी अस्थाई पदोन्नति के नाम पर अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त कर सकती है। नियुक्ति के नियमों में भी सरकार बदलाव कर सकती है। पूर्व कांग्रेस सरकार के समय प्रदेश में 11 अतिरिक्त मुख्य सचिव बनाए गए थे। तत्कालीन सरकार पर अपने चहेते अफसरों को नियमों के बाहर जाकर पदोन्नति देने के आरोप भी लगे थे। भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए इसे कई बार मुद्दा भी बनाया। अब वर्तमान की भाजपा सरकार इस मामले पर क्या रुख अपनाती है, इसको लेकर सचिवालय में चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
पंत और अनुराधा को मिलेगी परफार्मा प्रोमोशन
आईएएस अधिकारी केके पंत और अनुराधा ठाकुर प्रतिनियुक्ति पर भारत सरकार में सेवाएं दे रहे हैं। केके पंत वर्ष 1993 बैच और अनुराधा ठाकुर 1994 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। पंत वर्ष 2023 में अतिरिक्त मुख्य सचिव बनने के लिए पात्र हो जाएंगे। अगर प्रदेश सरकार ओंकार शर्मा, भरत खेड़ा और आरडी नजीम को समय से पहले अतिरिक्त मुख्य सचिव बनाती है तो पंत और अनुराधा को दिल्ली में रहते हुए ही परफार्मा प्रोमोशन मिल जाएगी। इन दोनों अधिकारियों के हिमाचल लौटने पर इन्हें अतिरिक्त मुख्य सचिव का दर्जा मिल जाएगा।