खराब मौसम और बारालाचा में एक ट्रक खराब होने से वीरवार रात को लेह से मनाली की ओर आ रहे 34 वाहनों में सवार 110 लोग फंस गए। 15 घंट चले रेस्क्यू अभियान के बाद इन्हें निकाला गया। इनमें 48 महिलाएं और सात बच्चे भी शामिल थे। पुलिस और सीमा सड़क संगठन ने मिलकर यह अभियान चलाया। उधर, तबीयत बिगड़ने से बारालाचा में फंसे एक पर्यटक की मौत हो गई है। अन्य लोगों को सुरक्षित केलांग पहुंचाया। दर्रा में बर्फ जमने से फंसे इन वाहनों में एक व्यक्ति की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। उसे पुलिस ने क्षेत्रीय अस्पताल केलांग पहुंचाया।
यहां चिकित्सा अधिकारी ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक बुजुर्ग सैलानी का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। उसकी पहचान दिवाकरण (68) पुत्र केके गोविंदन नायर नंदनम टीसी 43/1537(3) नया 61/1723 जीएनआरए-21, तिरुवनंतपुरम, वल्लक्कदावू, केरल के रूप में हुई है। वहीं, बारालाचा में 34 वाहन फंसे होने की सूचना सबसे पहले बीआरओ के 70 आरसीसी के मेजर रवि शंकर को मिली। उन्होंने पुलिस अधीक्षक लाहौल-स्पीति को सूचित किया।
मेजर रवि शंकर टीम के साथ बारालाचा के लिए निकले और एसपी के निर्देश पर दारचा चौकी की टीम भी माइनस तापमान के बीच मौके पर पहुंचा। लोगों को रेस्क्यू करने में 15 घंटे का समय लगा। इस दौरान प्रतिकूल मौसम और खतरनाक इलाके में महत्वपूर्ण चुनौतियों के बीच 34 वाहनों और 110 व्यक्तियों को सफलतापूर्वक बचाया गया है। रेस्क्यू दल ने सबसे पहले 60 लोगों को बारालाचा से जिंगजिंगबार तक सुरक्षित पहुंचाया।
इसके बाद शुक्रवार को 50 लोगों को सुरक्षित बारालाचा से जिंगजिंगबार लाया गया। यहां से सभी लोग केलांग पहुंचे और अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। पुलिस अधीक्षक लाहौल-स्पीति मयंक चौधरी ने कहा कि बीआरओ और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से बारालाचा में फंसे लोगों को चलाया बचाव अभियान सफलता पूर्वक पूरा किया गया है। एसपी ने कहा कि पर्यटक की मौत कैसे हुई इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर लगेगा।