वहीं, विधायक चालू योजनाओं में मरम्मत एवं रखरखाव के लिए हर हेड से एक-एक योजना भेज सकेंगे। हिमाचल प्रदेश में वास्तविक नई योजना (आरएनई) के तहत विधायक इस बार केवल एक ही योजना को प्राथमिकता में भेज पाएंगे। यानी सड़कें या पुल, लघु सिंचाई, ग्रामीण पेयजल या मल निकासी में से कोई एक योजना प्राथमिकता में शामिल होगी।
विधायक अन्य चार प्राथमिकताएं केवल चालू योजनाओं में मरम्मत और रखरखाव की देंगे। इनमें से एक सड़कों या पुल, दूसरी लघु सिंचाई, तीसरी ग्रामीण पेयजल एवं मल निकासी और चौथी सरकारी शैक्षणिक संस्थान की होगी। यह उल्लेखनीय है कि पूर्व में सड़क, पेयजल, सिंचाई या सीवरेज की दो-दो नई स्कीमें विधायक प्राथमिकता में शामिल की जाती रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में इन्हें कम किया गया। अब नई स्कीमों को और कम करके केवल एक तक घटा दिया गया है। इससे विकास पर असर पड़ सकता है।