शुक्रवार को पवित्र मणिमहेश यात्रा-2026 की तैयारियों को लेकर मणिमहेश ट्रस्ट की बैठक ट्रस्ट अध्यक्ष एवं उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए भरमौर-हड़सर सहित क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलियों, सुरक्षा दीवारों, क्रैश बैरियर तथा सूचना संकेतकों का कार्य 15 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। धनछो, गौरीकुंड और डल झील क्षेत्र में पेयजल, चिकित्सा, विद्युत, संचार एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के साथ अतिरिक्त जल भंडारण टंकियां स्थापित करने का भी निर्णय लिया।
लंगर समिति से 12 हजार पंजीकरण शुल्क और 25 हजार रुपये सुरक्षा राशि
यात्रा के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। यात्रा मार्ग की निगरानी ड्रोन तकनीक के माध्यम से की जाएगी। विधायक डॉ. जनक राज के प्रस्ताव पर प्रत्येक लंगर समिति से 12 हजार रुपये पंजीकरण शुल्क एवं 25 हजार रुपये सुरक्षा राशि लेने का निर्णय लिया गया। हड़सर से मणिमहेश तक स्थापित होने वाले सभी लंगरों एवं दुकानों की अनुमति शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया बीडीओ और डीएफओ भरमौर के माध्यम से पूरी होगी। लूणा से हड़सर तक लंगर लगाने की अनुमति एसडीएम (नागरिक) भरमौर कार्यालय देंगे।
प्रशासन फिर करेगा श्रीखंड महादेव ट्रैक का निरीक्षण
श्रीखंड महादेव यात्रा शुरू करने के लिए प्रशासन मार्ग का नए सिरे से आकलन करवाएगा। इसके लिए गठित संयुक्त निरीक्षण समिति 18 जुलाई को संवेदनशील हिस्से का निरीक्षण करेगी। पूर्व में अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान मनाली, राजस्व और वन विभाग की टीम ने प्रारंभिक रिपोर्ट में भीमडवारी से पार्वती नाग के बीच के ट्रैक को असुरक्षित पाया था। इस आधार पर अगले आदेश तक यात्रा को स्थगित कर दिया गया था। धार्मिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की ओर से उठाई गई मांग पर अब गौर किया जा रहा है। समिति की अध्यक्षता एसडीएम निरमंड करेंगे। इसमें अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान मनाली के विशेषज्ञों के अलावा राजस्व, वन विभाग, श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट और श्रीखंड क्षेत्रीय संगठन चायल के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। समिति 18 जुलाई को भीमडवारी से पार्वती बाग के बीच के सबसे संवेदनशील हिस्से का निरीक्षण करेगी। एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपेगी। समिति यह भी आकलन करेगी कि यात्रा के लिए कोई सुरक्षित या वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जा सकता है या नहीं। उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा ने कहा कि समिति की तकनीकी रिपोर्ट के साथ मौसम और भूस्खलन की स्थिति की समीक्षा के बाद ही यात्रा के संचालन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।