बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते पार्टी प्रमुख महेश्वर सिंह।
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हिमाचल लोकहित पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पार्टी के विलय का फैसला पार्टी प्रमुख महेश्वर सिंह पर छोड़ दिया है। रामशिला स्थित वैष्णो मंदिर में हिमाचल लोकहित पार्टी के जिला कार्यकर्ताओं की बैठक में कार्यकर्ताओं ने भाजपा में विलय का फैसला पार्टी प्रमुख महेश्वर सिंह पर छोड़ दिया है। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष गोपी चंद शर्मा ने की।
इस दौरान महेश्वर सिंह भी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में महेश्वर सिंह ने कार्यकर्ताओं से भाजपा में वापसी को लेकर सुझाव मांगे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि इसको लेकर वे स्वयं ही निर्णय लें, वे उनके साथ हैं। महेश्वर सिंह ने कहा कि संवैधानिक राजनीतिक पार्टी में किसी भी नेता को अपना निर्णय नहीं लेना चाहिए।
कार्यकर्ताओं से बातचीत कर ही संवैधानिक तरीके से फैसला लिया जाना चाहिए। लिहाजा, 23 जुलाई को प्रदेश कार्यसमिति इस पर संवैधानिक निर्णय लेगी। किन्नौर, कांगड़ा, कुल्लू सहित प्रदेश के तमाम जिलों के कार्यकर्ताओं ने अपनी अपनी बात रखी है, जिसे कार्यसमिति की बैठक में पेश किया जाएगा।
कांग्रेस को कोसा
बैठक में मौजूद कार्यकर्ता।
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महेश्वर सिंह ने कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं और राजनीतिक सरगर्मियां तेज होना स्वाभाविक है। राजनीतिक चर्चाएं भी स्वाभाविक हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी से कई दिनों से बात हो रही है जिसे लेकर कार्यकर्ताओं को फैसला लेना है। बैठक में मंडल अध्यक्ष कुल्लू देवेंद्र शर्मा, मनाली के वीर चंद ठाकुर, बंजार से तेजा सिंह ठाकुर, केशव मस्ताना, आलम चंद, जिला मीडिया प्रभारी राजेंद्र शर्मा आदि भी मौजूद रहे।
महेश्वर ने कांग्रेस सरकार पर बरसते हुए कहा कि पिछले साढ़े तीन साल में इस सरकार ने कोई खास कार्य नहीं किया है। झूठ के दम पर सरकार खड़ी है। कहा कि खराहल घाटी में पीने के पानी की समस्या है। इसे दूर करने के लिए तीन लिफ्ट इरीगेशन स्कीमों को 15 दिन में शुरू किया जाएगा।