मनाली-ग्रांफू-काजा मार्ग के डोहरनी मोड़ और छतड़ू के बीच फंसे 105 लोगों को 14 घंटे के बाद रेस्क्यू कर कोकसर पहुंचाया गया। प्रशासन, पुलिस और बीआरओ के संयुक्त अभियान से सभी लोगों को करीब 16 किलोमीटर दूर से रेस्क्यू किया गया। दोनों तरफ के नालों में बाढ़ आने से डोहरनी मोड़ और छतड़ू के बीच निगम की एक बस के साथ 22 अन्य वाहन फंस गए थे। इन लोगों को रात को 2:00 बजे तक करीब 14 घंटे तक भूखे-प्यासे रहना पड़ा।
नालों में बाढ़ आने के कारण कोकसर-काजा रूट पर डोहरनी मोड़ में फंसे 105 लोगों की सांसें लगभग 14 घंटे तक अटकी रहीं। अंधेरे में करीब छह घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद इन लोगों को देर रात को सुरक्षित कोकसर पहुंचाया गया। नायब तहसीलदार आरसी नेगी की अगुवाई में बीआरओ, पुलिस और जिला प्रशासन की रेस्क्यू टीम ने अपनी जान जोखिम में डाल यात्रियों को सुरक्षित निकाला। आधी रात को कोकसर में यात्रियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई।
फंसे यात्रियों में 36 सैलानी और एक विदेशी भी शामिल था। 69 स्थानीय यात्री थे। मूसलाधार बारिश के कारण रविवार को हुई ग्रांफू-काजा सड़क मार्ग पर डोहरनी नाला में अचानक आई बाढ़ के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया। इस कारण स्पीति से मनाली की तरफ आ रहे 105 लोग दोपहर 12:00 बजे डोहरनी मोड़ में फंस गए।
सूचना मिलने के बाद शाम 6:00 बजे तहसीलदार केलांग आरसी नेगी की अगुवाई में रेस्क्यू टीम केलांग से डोहरनी मोड़ के लिए रवाना हुई और रात 8:00 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। यह देर रात 2:00 बजे तक जारी रहा। सीमा सड़क संगठन और पुलिस की मदद से फंसे यात्रियों को बीआरओ के टिपर और प्रशासन के छोटे वाहनों से कोकसर पहुंचाया गया। आरसी नेगी ने बताया कि अधिकतर सैलानी चंद्रताल झील से वापस मनाली लौट रहे थे।
स्पीति के लोग बस में सवार होकर काजा से मनाली आ रहे थे। बताया कि फंसे यात्रियों में 39 महिलाएं, 54 पुरुष और 12 बच्चे शामिल थे। ये लोग एक बस, दो टेंपो ट्रैवलर सहित 23 वाहनों में सवार थे। फंसे यात्रियों में स्पीति की एक बीमार महिला भी शामिल है। वह इलाज के लिए कुल्लू जा रही थी। पुलिस अधीक्षक केलांग मानव वर्मा ने कहा कि रातभर चले ऑपरेशन में 105 लोगों को रेस्क्यू किया गया। कहा कि सड़क बंद होने से यहां 30 लोग अपनी इच्छा अनुसार अपने वाहनों में ही रहे, जिन्हें सड़क खुलने के बाद ही आना था।