कालका-शिमला फोरलेन प्रोजेक्ट के तीसरे चरण के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। कैथलीघाट से ढली तक के हिस्से का निर्माण कार्य दो कंपनियों को अवार्ड कर दिया गया है। दो पैकेज में 28.45 किलोमीटर लंबे फोरलेन पर 3,914.77 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कंपनियों को ढाई साल के भीतर फोरलेन बनाने का लक्ष्य दिया गया है। 11 अक्तूबर 2019 से फोरलेन निर्माण कार्य बंद पड़ा है।
वर्ष 2018 में कंपनी को जब काम अवार्ड किया था, तो जमीन की कटिंग होनी थी। जबकि निर्माण टू लेन में होना था। जनवरी 2019 में तकनीकी कारण से इसमें बदलाव किया गया। प्रोजेक्ट अब टू लेन की जगह फोरलेन बनना है। इस बीच भूमि अधिग्रहण और एसओपी की मंजूरी न मिलने का तर्क देर कंपनी ने काम बंद कर दिया था। इसके बाद नए सिरे से फोरलेन की डीपीआर तैयार की गई। आखिरकार तीन साल की लंबी प्रक्रिया के बाद अब फोरलेन का कार्य कंपनियों को अवार्ड कर दिया गया है।
कालका-शिमला फोरलेन सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है। यह कालका से सोलन, शिमला, किन्नौर होते चीन सीमा को जोड़ेगा। कैथलीघाट-ढली फोरलेन से पर्यटन कारोबार में भी पंख लगेंगे। शिमला से चंडीगढ़ जाने के लिए मात्र दो घंटे का समय लगेगा। इसके साथ किसान और बागवानों को फसल बाहरी राज्य की मंडियों में भेजने के लिए फोरलेन कारगर साबित होगा। हिमाचल के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित ने बताया कि पहले चरण में पिंजौर से सोलन तक का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। दूसरे चरण में सोलन से कैथलीघाट का निर्माण कार्य 58 फीसदी पूरा हो गया है। तीसरे चरण में कैथलीघाट-ढली का निर्माण कार्य अब रफ्तार पकड़ेगा।
फोरलेन का पहला पैकेज एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और आरवीएनएल कंसोर्टियम, दूसरे पैकेज का कार्य गावर कंस्ट्रक्शन और भारत कंसोर्टियम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। कंपनियों को टेंडर अवार्ड कर दिया गया है।
- राम आसरा खुरल, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।
पीजीआई जाने के लिए संजीवनी साबित होगा फोरलेन
फोरलेन बनने से शिमला से पीजीआई चार घंटे की बजाय दो घंटे में पहुंच सकेंगे। चम्याणा स्थित सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के लिए भट्ठाकुफर फोरलेन से और चलौंठी टनल से भी आईजीएमसी अस्पताल के लिए कनेक्टिविटी होंगी। इसके साथ शहर से सटे एक दर्जन क्षेत्रों को फोरलेन में पहुंचने में चंद मिनट लगेंगे।
10.6 किमी पर ब्रिज और टनलों से गुजरेंगे वाहन
पहले पैकेज में कैथलीघाट से शकराल गांव तक फोरलेन की लंबाई 17.465 किमी है। इस पर 1844.77 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दूसरे पैकेज में शकराल गांव से ढली जंक्शन तक फोरलेन की लंबाई 10.985 किमी है। इसमें 2,070 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शोघी के पास एक टोल प्लाजा सहित 27 पुल, पांच टनल और 82 कलवर्ट, चार प्रमुख जंक्शन, तीन अल्प जंक्शन बनेंगे।
गुसान में बनाया जाएगा पर्यटन स्थल
पर्यटकों को स्वागत शोघी में 700 मीटर लंबी डबल लेन टनल से होगा। कुछ मीटर तक खुले आसमान के बाद वाहन 1,200 मीटर की डबल लेन से गुजरेंगे। यह टनल रंघाव से भाड़ को जोड़ेंगी। मल्याणा में 150 मीटर ऊंचा और 680 मीटर लंबा विश्वस्तरीय केबल स्टे ब्रिज आकर्षण का केंद्र होगा। इसके बाद भट्ठाकुफर में 2,700, लंबीधार में 400 और चलौंठी में 250 मीटर लंबी डबल लेन टनल ढली जंक्शन को जोड़ेगी। इधर, गुसान गांव के पास फोरलेन पर पर्यटकों के लिए विशेष स्थल बनेगा। यहां पर 75 बाई 75 का खुला स्थान बनेगा।