कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन का तीन सप्ताह से रुका काम एक बार फिर शुरू होगा। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बिलासपुर से मंडी के बीच बन रहे फोरलेन के निर्माण पर लगाई रोक हटा दी है। हालांकि, एनएचएआई वहीं निर्माण कार्य कर सकेगा, जहां अलाइनमेंट में बदलाव नहीं किया गया है। ब्राउन फील्ड सेक्शन में ही काम होगा। काम रुकने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद जगत प्रकाश नड्डा ने इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन और वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के मंत्रियों से संपर्क कर उन क्षेत्रों में काम शुरू कराने की मांग की थी, जहां अलाइनमेंट में बदलाव नहीं किया गया है। साथ ही एनएचएआई ने भी इस दलील के साथ सड़क निर्माण की अनुमति मांगी थी। दलीलों को मानते हुए मंत्रालय ने एनएचएआई को सड़क निर्माण का काम शुरू करने की अनुमति दे दी है।
आदेश में यह स्पष्ट है कि सिर्फ अलाइनमेंट अनुमति वाले क्षेत्रों में ही काम होगा। जिन जगहों पर अलाइनमेंट में बदलाव किया है, उन सभी वन भूमि और बदले अलाइनमेंट वाली भूमि पर बिना वन संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के तहत अनुमति लिए अगले आदेश तक कार्य पर प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही मंत्रालय ने राज्य सरकार से शेष सभी सेक्शन में पाई गई डेविएशन के संबंध में विस्तृत जांच रिपोर्ट तीन माह के भीतर प्रस्तुत करने को कहा है। बदलाव को नियमित करने के लिए की गई कार्यवाही को शामिल करते हुए संशोधित प्रस्ताव भेजने को कहा है। केंद्रीय वन मंत्रालय ने प्रदेश वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को पत्र लिखकर अनुमति देने की जानकारी दे दी है। पीसीसीएफ हॉफ डॉ. सविता शर्मा ने पत्र मिलने की पुष्टि की है।
अमर उजाला ने उठाया था अलाइनमेंट में बदलाव का मामला
अमर उजाला ने इस फोरलेन की अलाइनमेंट में बदलाव कर निर्माण का खुलासा किया था। इसके बाद केंद्रीय वन मंत्रालय ने काम रोकने के आदेश जारी किए थे। खबर छपने के बाद देहरादून स्थित मंत्रालय के कार्यालय से एक कमेटी ने निरीक्षण कर अलाइनमेंट में बदलाव की पुष्टि की और काम पर रोक लगा दी। अब एनएचएआई को बदले अलाइनमेंट और डंपिंग भूमि की एफसीए क्लीयरेंस लेकर काम शुरू करने को कहा है।