फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल में अब 30 किलोमीटर अंदर घुसे जेएंडके के कारोबारी

Sun, 28 Jul 2019 06:20 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)
विज्ञापन
सरचू - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

हिमाचल-जेएंडके सीमा सरचू एक बार फिर विवादों में आ गई है। जम्मू-कश्मीर के कारोबारी हिमाचल की सीमा सरचू में करीब 30 किलोमीटर अंदर तक आ गए हैं। पिछले कई वर्षों से चल रहा विवाद अभी तक नहीं सुलझा है। जेएंडके से कारोबारी हिमाचल सीमा के भीतर घुसकर कारोबार चला रहे हैं।

विज्ञापन


हिमाचल के कारोबारियों का आरोप है कि जेएंडके में लेह प्रशासन की आड़ में प्रवासी कारोबारी यहां आकर उन्हें डरा-धमका रहे हैं। कुछ वर्ष पहले से यहां कारोबारी हिमाचल सीमा के 17 किलोमीटर अंदर घुसकर कारोबार चला रहे थे। इसे लेकर कई बार सरकारी स्तर पर मामला उठाया गया, लेकिन अब पड़ोसी राज्य के यह कारोबारी 25 से 30 किलोमीटर भीतर आकर अपना कारोबार कर रहे हैं। 

रोहतांग टनल बन जाने के बाद पर्यटकों के लिए सरचू एक बड़ा केंद्र बनेगा। ऐसे में यदि सीमा विवाद को नहीं सुलझाया गया तो दोनों राज्यों के कारोबारियों के बीच तनातनी बढ़ेगी। लाहौल-स्पीति कांग्रेस के पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि अब तो जेएंडके से कारोबारी वहां के प्रशासन की आड़ में 25 से 30 किलोमीटर अंदर घुस आए हैं। इससे माहौल बिगड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि सरचू सीमा विवाद सुलझाने को निशानदेही कराएं। सरकार न चेती तो आने वाले दिनों में हालात बिगड़ सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

सर्वे ऑफ इंडिया ने 2015 में भी की थी अतिक्रमण की पुष्टि

सरचू - फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस शासनकाल के दौरान हिमाचल और जेएंडके कारोबारियों में तनातनी के बाद 10 अगस्त 2015 को लाहौल-स्पीति और जेएंडके के प्रशासनिक अधिकारियों की सरचू में बैठक हुई थी। इसके बाद सर्वे आफ इंडिया की टीम ने विवादित स्थल का दौरा कर जेएंडके की ओर से अतिक्रमण की पुष्टि की। इसमें साफ किया था कि मानचित्र के मुताबिक जेएंडके पुलिस और व्यवसायी हिमाचल सीमा के 17 किमी अंदर तक घुस आए हैं।

अमर उजाला ने चेताया था
सीमा विवाद पर सरकारों की खामोशी को लेकर अमर उजाला ने पहले ही चेताया था। खबर में बताया था कि आठ माह बाद मनाली-लेह सड़क बहाल हो गई है। सरचू में फिर कारोबार के लिए जमीन के मुद्दे पर जेएंडके और हिमाचल के अस्थायी कारोबारियों में तनातनी हो सकती है।

प्रशासन के पास ऐसा कोई मामला नहीं आया है। अगर इस तरह से सरचू सीमा पर हो रहा है तो वन विभाग के अधिकारियों को इस मामले को देखने के निर्देश दे दिए जाएंगे। जो भी समस्या होगी, उसे हल करने का प्रयास करेंगे। - केके सरोच, उपायुक्त, लाहौल-स्पीति
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें