कांग्रेस शासनकाल के दौरान हिमाचल और जेएंडके कारोबारियों में तनातनी के बाद 10 अगस्त 2015 को लाहौल-स्पीति और जेएंडके के प्रशासनिक अधिकारियों की सरचू में बैठक हुई थी। इसके बाद सर्वे आफ इंडिया की टीम ने विवादित स्थल का दौरा कर जेएंडके की ओर से अतिक्रमण की पुष्टि की। इसमें साफ किया था कि मानचित्र के मुताबिक जेएंडके पुलिस और व्यवसायी हिमाचल सीमा के 17 किमी अंदर तक घुस आए हैं।
अमर उजाला ने चेताया था
सीमा विवाद पर सरकारों की खामोशी को लेकर अमर उजाला ने पहले ही चेताया था। खबर में बताया था कि आठ माह बाद मनाली-लेह सड़क बहाल हो गई है। सरचू में फिर कारोबार के लिए जमीन के मुद्दे पर जेएंडके और हिमाचल के अस्थायी कारोबारियों में तनातनी हो सकती है।
प्रशासन के पास ऐसा कोई मामला नहीं आया है। अगर इस तरह से सरचू सीमा पर हो रहा है तो वन विभाग के अधिकारियों को इस मामले को देखने के निर्देश दे दिए जाएंगे। जो भी समस्या होगी, उसे हल करने का प्रयास करेंगे। - केके सरोच, उपायुक्त, लाहौल-स्पीति