प्रदेश हाईकोर्ट ने कर्ज की किस्तें न चुकाने पर गाड़ी को जबरन अपने कब्जे में करने के मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए इंडसइंड बैंक के अधिकृत अधिकारी को तलब किया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने प्रार्थी धर्मवीर की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि
फाइनेंस कंपनियों द्वारा गुंडागर्दी कर अपने कर्जदारों की गाड़ियों या संपत्तियों को अपने कब्जे में लेना गैरकानूनी है। कोर्ट ने इंडसइंड बैंक द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों के विपरीत प्रार्थी की गाड़ी को गुंडों का इस्तेमाल करते हुए अपने कब्जे में लेने पर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा है।