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सरकारी स्कूलों की खराब हालत पर हाईकोर्ट ने तलब किए प्रधान सचिव

Sat, 28 Dec 2019 07:48 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर
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हिमाचल प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में कक्षाओं की दशा खराब होने के मामले में प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश एल नारायण स्वामी और न्यायाधीश ज्योत्सना रेवाल दुआ की खंडपीठ ने प्रधान सचिव शिक्षा को पहली जनवरी को अदालत के समक्ष तलब किया है। हाईकोर्ट ने प्रकाशित खबरों पर संज्ञान लेते हुए यह फैसला सुनाया।

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खबरों के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में कुल 10,623 प्राइमरी स्कूलों में से 441 ऐसे हैं, जहां एक ही कक्षा है। 3,022 प्राइमरी स्कूलों में मात्र दो कक्षाएं हैं। 3,973 प्राइमरी स्कूल ऐसे हैं, जहां तीन कक्षाएं हैं जबकि 3,036 स्कूलों के पास 4 से 6 कक्षाएं हैं।

पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं में कम से कम पांच कक्षाएं होनी चाहिए। अध्यापकों के लिए दफ्तर, लाइब्रेरी और खेल के सामान व स्टोर की व्यवस्था अलग से होनी चाहिए। मिडल स्कूलों की खराब स्थिति पर भी कोर्ट ने संज्ञान लिया है। 
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रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 1,969 मिडल स्कूलों में 4 स्कूल ऐसे हैं जो बिना कक्षाओं के चल रहे हैं। 263 स्कूल एक कक्षा के सहारे चल रहे हैं। 244 मिडल स्कूलों में 2 कक्षाएं, 1126 मिडल स्कूलों में 3 कक्षाएं जबकि 314 मिडल स्कूलों में 4 से 6 कक्षाएं मौजूद हैं। 18 मिडल स्कूल ही ऐसे हैं जहां पर 7 से 10 कक्षाएं मौजूद हैं।

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