यह है मामला
मामले की अगली सुनवाई 7 अक्तूबर को होगी। अदालत ने यह आदेश शैलजा किरण और इससे जुड़ी अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जारी किया। यह मामला कुल 870 शारीरिक शिक्षा शिक्षकों के पदों को भरने से जुड़ा है, जो लंबे समय से कानूनी मुकदमेबाजी के कारण लटके हुए थे। याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया गया कि पुरानी मुकदमेबाजी समाप्त होने के बाद अब सरकार इन पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। इन 870 पदों में 230 पद बैकलॉग के हैं। सरकार इन बैकलॉग पदों को जॉब ट्रेनी आधार पर भर रही है जो भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के खिलाफ है।
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद कैनरा बैंक ने जारी की फैमिली पेंशन और एरियर
वहीं प्रदेश हाईकोर्ट के कड़े रुख और हस्तक्षेप के बाद कैनरा बैंक ने याचिकाकर्ता को देय फैमिली पेंशन और उसके बकाया का भुगतान खाते में जमा कर दिया है। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने याचिकाकर्ता सावित्री देवी की ओर से दायर याचिका का निपटारा करते हुए यह फैसला दिया है। कैनरा बैंक की ओर से पेश अधिवक्ता की ओर से अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार याचिकाकर्ता को उनके पति की मृत्यु की तिथि (23 जुलाई 2023) से देय फैमिली पेंशन स्वीकृत कर दी गई है। याचिकाकर्ता की शिकायत थी कि उनके पति को देय तिथि से पेंशन नहीं मिली थी, जिसके कारण पेंशन एरियर भी लंबित था। बैंक प्रबंधन ने 9 सितंबर 2026 के निर्देशों का हवाला देते हुए कोर्ट को अवगत कराया कि पेंशन बकाया की राशि भी याचिकाकर्ता के बैंक खाते में जमा कर दी गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने बकाया राशि प्राप्त होने की पुष्टि की, लेकिन एरियर के कुल आंकलन पर असंतोष व्यक्त किया। इस पर उच्च न्यायालय ने अवलोकन करते हुए स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता को राशि की गणना से कोई शिकायत है, तो वह कानून के अनुसार उपयुक्त मंच पर अपनी बात रख सकती हैं।