राजधानी शिमला में सीवरेज युक्त पानी पीने से पीलिया फैलने और मृत्यु होने के मामले में मंगलवार को मुख्य सचिव सहित अन्य संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से हाईकोर्ट में पेश हुए। तीन जनवरी को ‘अमर उजाला’ में छपी खबर पर संज्ञान लेने के बाद कोर्ट ने सभी अधिकारियों को तलब किया था।
हाईकोर्ट ने सभी अधिकारियों को दो दिन के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए। कोर्ट ने सभी अधिकारियों को अगली पेशी में उपस्थित रहने से छूट भी दे दी। अब मामले पर 7 जनवरी को सुनवाई होगी। कोर्ट ने कथित तौर पर शिमला शहर में पीलिया के कारण कही जा रही दो मौतों पर भी रिपोर्ट तलब की।
कोर्ट ने इससे पहले खेद जताया था कि प्रशासन की लापरवाही के कारण शिमला शहर वासियों को सीवरेज युक्त पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अश्वनी खड्ड से होने वाली पानी की सप्लाई के कारण पानी से पैदा होने वाली बीमारियों को बढ़ावा मिल रहा है।
दिन-प्रतिदिन पीलिया के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि सरकार का यह परम दायित्व बनता है की वह अपने नागरिकों को स्वच्छ और साफ पीने का पानी मुहैया करवाए। अब मामले पर 7 जनवरी को सुनवाई होगी।