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किसकी अनुमति और खर्च पर तिरुपति गए डीसी और एसडीएम: हाईकोर्ट

Fri, 13 Jul 2018 08:00 AM IST
शशिभूषण पुरोहित, अमर उजाला, ऊना
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हिमाचल हाईकोर्ट ने उपायुक्त ऊना, एसडीएम अंब और चिंतपूर्णी मंदिर अधिकारी के तिरुपति दौरे पर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने ऊना जिला प्रशासन से पूछा है कि ये अफसर किसकी अनुमति और खर्च पर तिरुपति बालाजी मंदिर के दौरे पर गए। किन परिस्थितियों में ये टूर बनाया गया।

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उक्त अधिकारी उन दिनों अवकाश पर थे या ड्यूटी पर। कोर्ट ने शुक्रवार 13 जुलाई को इस बाबत जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं को हो रही असुविधाओं पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। 

चिंतपूर्णी मंदिर के लिए केंद्र सरकार की प्रसादम योजना के तहत 50 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इसके तहत मंदिर का विस्तारीकरण और अन्य स्तरीय सुविधाएं जुटाई जाएंगी।
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उक्त अधिकारी बीते दिनों इस योजना के तहत मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के मद्देनजर तिरुपति मंदिर की व्यवस्था देखने गए थे। हालांकि, एसडीएम अंब सुनील वर्मा का कहना है कि इस यात्रा पर मंदिर ट्रस्ट की ओर से कोई खर्च नहीं किया गया है।

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मंदिर में सुविधाओं पर सीएस को कमेटी बनाने के आदेश

राकेश प्रजापति, डीसी ऊना
हाईकोर्ट ने नवरात्र के दौरान मंदिर में पहुंचने वाले लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं के दावों पर भी सवाल उठाए हैं। बीते दिनों चिंतपूर्णी मंदिर के प्रवास पर आए कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश ने खुद अव्यवस्थाएं पाई थीं। श्रद्धालु बारिश में भीग रहे थे।

उन्होंने मौके पर मंदिर अधिकारी से जवाब-तलब किया था। संतोषजनक जवाब न मिलने पर हाईकोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने के आदेश दिए हैं। यह कमेटी चिंतपूर्णी मंदिर को लेकर 6 अगस्त को एक विस्तृत कार्य योजना बनाकर रिपोर्ट देगी। 

सरकार के आदेश पर ही तिरुपति मंदिर का दौरा किया गया। इसकी सूचना कार्मिक विभाग को दी गई थी। हाईकोर्ट में 13 जुलाई को जवाब देने के आदेश हुए हैं, जिसकी अनुपालना की जा रही है। - राकेश प्रजापति, डीसी ऊना एवं मंदिर आयुक्त चिंतपूर्णी
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