गौरतलब है कि नियमित भर्ती के पात्र उम्मीदवारों का तर्क है कि राज्य सरकार नियमित भर्ती के बजाय बैक-डोर एंट्री के माध्यम से एसएमसी शिक्षकों को समायोजित करने की कोशिश कर रही है। सरकार ने 17 फरवरी 2025 को नियमों में संशोधन कर एसएमसी शिक्षकों के लिए 5 फीसदी कोटा निर्धारित किया है, जिसके तहत 1427 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की गई है। एसएमसी शिक्षकों की नियुक्तियां भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के खिलाफ हैं। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने 2020 में एसएमसी शिक्षकों को नियमित भर्ती होने तक पद पर बने रहने की अनुमति दी थी। ये शिक्षक 2012 से सेवा दे रहे हैं और कई उम्र की सीमा पार कर चुके हैं, इसलिए सरकार ने उन्हें आयु में छूट और कोटा दिया है। सरकार अन्य श्रेणियों (सीधी भर्ती और बैच-वाइज) के लिए भी 32.5 फीसदी और 37.5 फीसदी कोटे के तहत भर्ती कर रही है।