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खंड समन्वयकों की नियुक्ति पर अहम फैसला

Tue, 22 Jul 2014 12:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार की उस नीति को पूरी तरह संवैधानिक करार दिया है, जिसके तहत ब्लॉक रिसोर्स सेंटर कोऑर्डिनेटर (खंड समन्वयक) की नियुक्ति की जाती है।
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साथ में हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग में बीआरसीसी (खंड समन्वयक) के पद पर नियुक्त शिक्षकों की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने गुहार लगाईं थी कि उन्हें दस साल का कार्यकाल पूरा होने तक बीआरसीसी पद से न हटाया जाए।

हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि आठ सप्ताह के भीतर बीआरसीसी भर्ती प्रक्रिया शुरू करे। बीआरसीसी पद पर कम से कम नियुक्ति तीन साल के लिए हो।

वादियों ने कहा था कि उन्हें वर्ष 2000-2001 में सर्व शिक्षा अभियान के तहत बीआरसीसी पद पर दस साल के लिए नियुक्त किया गया था। सरकार ने 31 अक्तूबर, 2013 को बीआरसीसी शिक्षकों की नियुक्ति पॉलिसी बनाकर नियुक्ति की अवधि एक वर्ष कर दी।
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पॉलिसी में प्रावधान किया गया कि अगर किसी शिक्षक की सेवाएं अति संतोषजनक हों तो नियुक्ति अवधि दो साल तक बढ़ाए जा जा सकती है। वादियों ने इस नीति को चुनौती देते हुए इसे रद करने की मांग की थी।

उनकी गुहार थी जब उनकी नियुक्ति दस साल के लिए की गई है तो उन्हें तब तक बीआरसीसी के पद पर रहने दिया जाए जब तक सर्व शिक्षा अभियान का प्रोजेक्ट बंद न हो जाए।

अदालत ने कहा कि बीआरसीसी को बदलने का निर्णय नीतिगत है क्योंकि बदलते समय के अनुसार शिक्षा में गुणवत्ता लाना अति आवश्यक है।

यदि इन बीआरसीसी शिक्षकों को लंबे अरसे तक इसी पद पर रहने दिया जाता है तो नए शिक्षक जिन्होंने दस साल की सेवा अवधि पूरी कर ली है, उन्हें बीआरसीसी के पद पर नियुक्त नहीं किया जा सकता।

अदालत ने बीआरसीसी की याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि बीआरसीसी के पद पर नियुक्त किए गए शिक्षकों का कार्यकाल तीन साल से कम नहीं होना चाहिए ताकि सर्व शिक्षा अभियान के उद्देश्य पर विपरीत प्रभाव न पड़े ।
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अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिए कि वह बीआरसीसी के पदों को भरने हेतु प्रक्रिया आठ सप्ताह के भीतर शुरू करे।
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