फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी कर्मचारियों के वेतन को लेकर हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दिए ये आदेश

Sun, 03 Dec 2017 02:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन संबंधी मामले को लेकर बड़ा फैसला लिया है। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को आदेश दिए हैं कि सरकारी कर्मचारियों को समय पर वेतन दें। 
विज्ञापन










अगर ऐसा न हुआ तो ब्याज समेत वेतन देना होगा। हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि वह सरकार और इसके उपक्रमों की ओर से अपने कर्मचारियों को समय पर वेतन देने के लिए एक ऐसा कारगर तरीका तैयार करे, जिससे बिना देरी अपनी तनख्वाह और अन्य क्लेम (दावे) मिल सकें। 

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल मंडी में तैनात नर्सों की तरफ से सात महीनों से सैलरी न मिलने को लेकर लिखे पत्र पर दर्ज जनहित याचिका का निपटारा करते हुए ये आदेश दिए।
विज्ञापन
Trending Videos

कोर्ट ने मुख्य सचिव को दिए ये आदेश

कोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश दिए कि वह प्रधान सचिव अथवा सचिव स्तर पर एक वेबपोर्टल तैयार करें, जहां कर्मचारी अपनी शिकायतें दर्ज कर सके। जिससे उन शिकायतों का निपटारा एक सप्ताह में हो सके। इससे बेवजह की मुकदमेबाजी से आसानी से बचा जा सकेगा।


कोर्ट ने सभी विभागों और संस्थानों के मुखिया को आदेश दिए हैं कि भविष्य में उनके सभी कर्मचारियों की तनख्वाह समय पर मिलनी चाहिए। ऐसा न होने पर सरकार को ब्याज सहित देय राशि संबंधित कर्मचारी को देनी होगी।

कोर्ट की ओर से विभागाध्यक्षों को आदेश हैं कि वे देरी से वेतन मिलने की शिकायत मिलते ही 30 दिनों के भीतर दोषी का पता लगाने के लिए जांच पूरी करे और दोषी से ब्याज की रकम वसूल करें। अदालत ने मुख्य सचिव को आदेश दिए हैं कि वे चार सप्ताह के भीतर इन आदेशों की अनुपालना रिपोर्ट शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट में पेश करे। 
विज्ञापन

कोर्ट की तलख टिप्पणी 

कोर्ट ने खेद जताया कि कर्मचारियों को सैलरी और एरियर जैसे अविवादित लेनदेन के लिए अदालतों में आना पड़ता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वेतन कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है और सरकार का संवैधानिक दायित्व है।

कोर्ट ने सरकार की इस तरह की लापरवाही पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार ही अपने कर्मियों को तनख्वाह समय पर नहीं देगी तो निजी व्यवसायी सरकार से क्या सीखेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें