प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि मोहिंद्र नाथ सोफत के खिलाफ महिला द्वारा लगाये गए वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों की जांच पूरा कर न्यायालय में चार्जशीट दायर करे। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर व न्यायाधीश संदीप शर्मा ने वीना गुप्ता की याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद यह आदेश दिए।
कसौली तहसील के धर्मपुर में धार की बेढ गांव की वीना गुप्ता ने आरोप लगाया है की शांता कुमार सरकार में रहे पूर्व परिवहन मंत्री व हिलोपा के पूर्व उपाध्यक्ष मोहिंद्र नाथ सोफत ने पेट्रोल पंप को लेकर उनके साथ धोखाधड़ी की है। उसने इसकी शिकायत कई बार पुलिस को की लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इंकार कर दिया। मजबूरन उसे न्यायिक दंडाधिकारी कसौली में प्राथमिकी दर्ज करवाने के लिए याचिका दायर करनी पड़ी।
26 फरवरी 2014 को कोर्ट के आदेशानुसार एफआईआर दर्ज तो हुई लेकिन आज तक मामला आगे नहीं बढ़ा। पुलिस पर लापरवाही व राजनीतिक दबाव के कारण जांच को प्रभावित करने के आरोप लगाते हुए प्रार्थी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी के खिलाफ कार्यवाही करने के आदेशों के लिए गुहार लगाई थी।