हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जेओए) के पदों से जुड़े मामलों पर लंबी सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। वहीं, गुड़िया दुष्कर्म मामले की जांच पुन: करवाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई 16 मार्च, 2022 के लिए टल गई है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जेओए) के पदों से जुड़े मामलों पर लंबी सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ के समक्ष इस मामले पर अंतिम सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं के अनुसार वे इन पदों के लिए बनाए भर्ती नियमों के तहत पात्रता रखते हैं फिर भी उनकी उम्मीदवारी कर्मचारी चयन आयोग ने गलत तरीके से रद्द कर दी है।
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वहीं, हाईकोर्ट में गुड़िया दुष्कर्म मामले की जांच पुन: करवाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई 16 मार्च, 2022 के लिए टल गई है। न्यायाधीश सबीना और न्यायाधीश ज्योत्स्ना रिवाल दुआ की खंडपीठ के समक्ष मामले पर सुनवाई हुई। प्रार्थी की ओर से दायर याचिका में सीबीआई की जांच पर खामियों को उजागर करते हुए इस मामले की जांच पुन: करवाने की मांग की गई है। याचिका में दिये तथ्यों के अनुसार सीबीआई ने इस मामले में सभी तथ्यों की तह तक जांच नही की है। मामले पर अगली सुनवाई 16 मार्च, 2022 को होगी।