हिमाचल हाईकोर्ट के वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण हटाने पर 1 अगस्त को दिए आदेशों की अनुपालना की गई है। उपमंडलाधिकारी वन कुल्लू ने अदालत में इस संबंध में अनुपालना रिपोर्ट दायर की है। उपमंडलाधिकारी ने कोर्ट में अतिक्रमण को हटाने से संबंधित जो भी कार्रवाई की है, उससे जुड़े सभी तथ्य अदालत के समक्ष रखे। इस मामले में राजस्व और वन विभाग को निर्देश दिए हैं कि आगे से इस तरह का अतिक्रमण न हो। अगर हलफनामा और अन्य दस्तावेज गलत पाए गए तो इसके लिए जिम्मेवार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
वन भूमि को अतिक्रमण से बचाने को सरकार और अधिकारी सुनिश्चित करे कि इस तरह का अतिक्रमण दोबारा न हो। अगर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हो तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए। अतिक्रमण हटाने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को या तो उनकी सेवाओं निलंबित किया जाए या उनकी सेवाएं समाप्त की जाए। मुख्य सचिव को संबंधित दिशा-निर्देशों को लागू करने को कहा। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने इस संबंध में आदेश दिए।