अदालत ने अगली सुनवाई को एसआईटी की ओर जो कार्रवाई की जा रही है, उस पर स्टेटस रिपोर्ट दायर करने को कहा है। वहीं विमल नेगी के परिजनों की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि कि जो रिपोर्ट सरकार को सौंपी गई है, उसे अदालत में पेश करें। याचिकाकर्ता हरिकेश मीणा भी अदालत में व्यक्तिगत तौर पर पेश हुए। उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दायर कर रखी है। गौरतलब है कि इस मामले में 10 मार्च से लापता एचपीपीसीएल के चीफ इंजीनियर रहे विमल नेगी का 18 मार्च को बिलासपुर स्थित गोविंद सागर झील में शव मिला था। विमल नेगी के लापता होने के बाद उनकी पत्नी ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को पत्र लिखा था और पावर कॉरपोरेशन के पूर्व एमडी हरिकेश मीणा, पूर्व निदेशक देशराज समेत अन्य उच्च अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। विमल की पत्नी का आरोप है कि उच्च अधिकारियों ने उनके पति को प्रताड़ित किया। इसके बाद नेगी की पत्नी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए न्यू शिमला पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई। इसमें पूर्व निदेशक देसराज व एमडी हरिकेश मीणा पर गंभीर आरोप लगाए गए।