हिमाचल में इलेक्ट्रिक बसें चलाने में पेच फंस गया हैं। निजी कंपनी ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में चुनौती दे दी है। 12 जून को हाईकोर्ट में इस मामले पर सुनवाई होगी। हाईकोर्ट में दी गई याचिका में कंपनी ने बसों की खरीदारी पर सवाल उठाए हैं।
जब तक कोर्ट से इस मामले पर फैसला नहीं आ जाता, तब तक प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसें नहीं चल सकेंगी। नेशनल ग्रीन ट्रिूब्यूनल ने हिमाचल के पर्यटन स्थल रोहतांग के लिए इलेक्ट्रिक बसें चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते परिवहन निगम ने पर्यटन स्थल के लिए दो इलेक्ट्रिक बसें चलाने का फैसला लिया है।
ये बसें हिमाचल पहुंचाई गई हैं। अब इन बसों को चलाया जाना था। इस बीच बसें बनाने वाली एक निजी कंपनी ने इस फैसले को चुनौती दे दी है। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। फैसला निगम के पक्ष में आने पर हिमाचल में इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी।
25 बसों की खरीद कर रहा है निगम
एचआरटीसी रोहतांग के अलावा हिमाचल के मैदानी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक बसें चलाने जा रहा है। निगम की ओर से 25 बसें खरीदी जा रही हैं। दो बसें रोहतांग, जबकि अन्य हमीरपुर, धर्मशाला, शिमला और मंडी में चलाई जानी हैं।
प्रशिक्षण लेने भेजे गए हैं चालक
इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए परिवहन निगम ने चालकों का एक दल प्रशिक्षण लेने के लिए भेजा है। 15 दिन प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद इन्हें इन बसों में चढ़ाया जाएगा।