उन्होंने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने आउटसोर्स के केवल उस दूसरे आदेश को खारिज किया है, जिसमें सरकार की ओर से आउटसोर्स पर लगी रोक को हटाने के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दायर की गई थी। अर्जी में सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अस्पतालों में नर्साें के पदों को भरने के लिए आज्ञा मांगी थी, जिसे हाईकोर्ट की खंडपीठ ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि अस्पतालों में पहले स्थायी नियुक्तियों के तहत पदों को भरा जाए।
इसी आदेश को सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के इसी आदेश को रद्द कर दिया था। जबकि हाईकोर्ट की ओर से सात नवंबर को पारित उस आदेश पर कुछ नहीं कहा, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन की भर्तियों पर रोक लगा रखी है।