एसटी दर्जे पर उच्च न्यायालय की रोक से गुर्जर समुदाय में खुशी
उधर, सिरमौर जिला के ट्रांसगिरि क्षेत्र के हाटी समुदाय को मिले अनुसूचित जनजाति के दर्जे पर प्रदेश उच्च न्यायालय ने स्टे लगा दिया है। सिरमौर गुर्जर समाज कल्याण परिषद के अध्यक्ष राजकुमार पोसवाल और महासचिव सोमनाथ भाटिया ने बताया कि न्याय की जीत हुई है। उन्होंने न्याय पर भरोसा जताते हुए कहा कि कम से कम न्यायालय ने उनका पक्ष सुना। हाटी बिल अधिसूचना पर उच्च न्यायालय से रोक लगने के बाद इस समुदाय को अनुसूचित जनजाति वर्ग के मिलने वाले सभी लाभ फिलहाल स्थगित हो गए हैं। इसके लिए उन्होंने समस्त गुर्जर समुदाय के सैकड़ों लोगों की ओर से भी उच्च न्यायालय का आभार जताया। राजकुमार पोसवाल और सोमनाथ ने बताया कि गुर्जर समुदाय केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष अपनी बात रखते हुए कई बार गुहार लगा चुके थे, लेकिन उनकी आवाज को किसी भी राजनीतिक दल या सरकार ने नहीं सुना। लिहाजा मजबूरन उन्हें न्यायलय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने उनका पक्ष सुना और हाटी बिल पर स्टे लगा दिया। फिलहाल 18 मार्च तक इस स्टे ऑर्डर के मद्देनजर हाटी आरक्षण की सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका पर उन्हें पूर्ण भरोसा है।