वर्ष 2018 में टीबी रोग के 16648 मामले प्रकाश में आए थे। वर्ष 2019 में अब तक 12715 मरीजों की ख़ोज की गई है। इनमें कांगड़ा जिले के 2634 मामले शामिल हैं। पूरे प्रदेश में एसडीआर रोगियों की संख्या 455 है।
जिला क्षय रोग कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आरके सूद ने कहा कि टीबी रोगियों से तंबाकू छुड़वाने के बारे में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने के निर्देश मिले हैं। जल्द जिले के सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. कुलदीप ने कहा कि आयुर्वेद विभाग भी इस बार टीबी रोग मुक्त अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएगा। इसके लिए सभी आयुर्वेदिक चिकित्सकों और फार्मासिस्ट को एक-एक दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।