कोरोना काल में कई शिक्षकों ने लीक से हटकर काम किया। ऐसे ही एक शिक्षक हैं नरेश शर्मा। राजकीय प्राथमिक स्कूल नाल्टी में जेबीटी के पद पर नरेश सेवाएं दे रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान जब कई बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित थे तो नरेश ने कोरोना की परवाह न करते हुए गांव के एक खुले स्थान में क्लास लगा दी और बच्चों को शिक्षा दी। इसके साथ वह बच्चों को ऑनलाइन भी पढ़ाते रहे। नरेश के इस कदम की हर ओर सराहना हो रही है।
यही नहीं नरेश शर्मा ने लीक से हटकर कार्य करते हुए प्रवासी बच्चों को अपनी कार में बैठाकर इन्हें तहसील कार्यालय लाकर आधार कार्ड भी बनवाए और अपडेट करवाए। समाजसेवी लोगों से आग्रह कर चार बच्चों को स्मार्ट फोन दिलवाए और खुद भी दो बच्चों को स्मार्ट फोन भेंट किए हैं। कोरोना काल में बच्चों को घर-घर जाकर मिड डे मील का राशन भी बांटा है।
नरेश शर्मा ने अन्य जेबीटी शिक्षकों के साथ मिलकर कोरोना संक्रमण से मृत लोगों के अंतिम संस्कार भी करवाए हैं। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से इन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है। इन्होंने स्कूल के लिए समाजसेवियों से एलईडी, कंप्यूटर, वाटर फिल्टर और पंखे भी दान करवाए हैं। नरेश शर्मा वर्तमान में बीआरसीसी प्राइमरी का कार्यभार भी डेपुटेशन पर संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों में पढ़ाने और सीखने की क्षमता विकसित करने के लिए उनके साथ लगातार संवाद आवश्यक है।