फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छात्रों को आठवीं कक्षा तक फेल नहीं करने की नीति होगी बंद

Sun, 17 Feb 2019 12:45 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन

हिमाचल में आठवीं कक्षा तक फेल नहीं करने की नीति बंद होगी। शिक्षा की गिरती गुणवत्ता में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों को यह फैसला लेने का अधिकार दिया है। इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। प्रदेश सरकार पांचवीं-आठवीं की परीक्षाएं करवाने पर जल्द फैसला लेगी। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शनिवार को विधानसभा मे विधायक कर्नल इंद्र सिंह के एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।

विज्ञापन


बता दें कि केंद्र के नए नियमों के तहत अगर कोई विद्यार्थी फेल हो भी जाता है तो उसे दो माह बाद पास होने के लिए पेपर देने का एक गोल्डन चांस है। इसके बाद फैसला लिया जाएगा कि फेल छात्र को अगली कक्षा में भेजा जाए या नहीं। वर्तमान में आठवीं कक्षा तक असेसमेंट आधार पर विद्यार्थियों के टेस्ट लेकर अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाता है। किसी भी विद्यार्थी को फेल नहीं किया जाता।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम की वजह से बच्चों को आठवीं तक फेल न करने की बाध्यता थी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आई है। प्रदेशों की आपत्ति के बाद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने प्रदेश सरकारों को इस पर खुद फैसला लेने के लिए कहा है।
विज्ञापन


केंद्र ने जो खाका तैयार किया है, उसके अनुसार आठवीं में फेल बच्चों को दोबारा मौका देना होगा। इसके बाद भी अगर वह फेल हो जाता है तो फिर सरकार निर्णय करेगी कि बच्चे को अगली कक्षा में भेजा जाए या उसे दोबारा उसी कक्षा में बिठाया जाए। भारद्वाज ने कहा कि इसी सत्र से इसे लागू किया जाएगा।
विज्ञापन


सदन में ये विधेयक पारित
विपक्ष के विरोध के बीच गायों की नस्ल सुधारने का बिल
संस्कृत को दूसरी राजभाषा बनाना
मेडिकल यूनिवर्सिटी का नामकरण अटल बिहारी वाजपेयी करना

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें