दिसंबर 2017 में नई सरकार ने जनवरी 2018 में मेधावियों को दिए जा रहे लैपटॉप के वितरण पर रोक लगा दी थी। लैपटॉप के ऑन होते ही सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की फोटो आती थी।
इस फोटो को हटाकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की फोटो लगाने के लिए विभाग ने वितरण रोका था। करीब दो सप्ताह के बाद विभाग ने आईटी विशेषज्ञों की मदद लेकर फोटो में बदलाव कर लैपटॉप वितरित किए थे।
योजना का नाम बदलने पर भी चल रहा विचार
विभागीय सूत्रों के मुताबिक प्रदेश सरकार इस योजना का नाम बदलने पर भी विचार कर रही है। कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान स्कूल शिक्षा बोर्ड के मेरिट में शामिल दस हजार विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए राजीव गांधी लैपटॉप योजना शुरू की थी। योजना में दसवीं और जमा दो के पांच-पांच हजार मेधावी विद्यार्थियों को हर साल लैपटॉप दिए गए।