प्रदेश के न्यायालयों के कर्मचारियों को संशोधित वेतन मिलेगा। इसके लिए शेट्टी पे कमीशन की सिफारिशों को लागू किया जाएगा। सरकार हाईकोर्ट के फैसले पर भी अमल करेगी। यह फैसला हाईकोर्ट के आदेशों और शेट्टी पे कमीशन की सिफारिशों को ध्यान में रखकर लिया है। बुधवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विधानसभा में हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ न्यायालय कर्मचारी (वेतन, भत्ते और सेवा की अन्य शर्तें) द्वितीय संशोधन विधेयक, 2015 को सभा पटल पर रखा।
हाईकोर्ट के 16 मार्च, 2015 के फैसले के अनुसार अधीनस्थ न्यायालयों के कर्मचारियों को 1-1-2006 से छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार संशोधित वेतनमान देने के आदेश दिए गए थे। शेट्टी आयोग के उच्चतर वेतनमान की सिफारिशों में न आने वाले कर्मचारियों को वेतन पर एक अतिरिक्त वेतनवृद्धि देने के भी आदेश दिए थे।
नए संशोधित वेतन के अनुसार न्यायालय के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (अधीक्षक ग्रेड-1), सिविल न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन) और न्यायालय के वरिष्ठ श्रेष्टेदार (अधीक्षक ग्रेड-2), सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) के न्यायालय का श्रेष्टेदार (अधीक्षक -11), जिला न्यायाधीश के कार्यकारी सहायक (निजी सचिव), आशुलिपिक ग्रेड-1 (वरिष्ठ वेतनमान आशुलिपिक), आशुलिपिक ग्रेड-2 (कनिष्ठ वेतनमान आशुलिपिक), आशुलिपिक ग्रेड-3 (आशुटंकक)
रीडर ग्रेड-1, रीडर ग्रेड-2, रीडर ग्रेड-3, अंग्रेजी लिपिक, सिविल नाजिर, अनुवादक, अभिलेखपाल (रिकॉर्ड कीपर), वरिष्ठ सहायक, प्रोटोकोल अधिकारी, छुट्टी रिजर्व लिपिक/लिपिक, अहलमद (रिकॉर्ड कीपर), सहायक अंग्रेजी लिपिक, अहलमद/क्रिमिनल अहलमद, कोर्ट नाजिर, नकलनवीस (कॉपिस्ट)
नायब नाजिर, लिपिक-एवं-टंकक, नाजिर, समरी लिपिक, वेतन पाने वाला अभ्यर्थी (पेड कैंडिडेट), संरक्षक लिपिक, निष्पादन लिपिक, बेलिफ, चालक, दफ्तरी, आदेशिक तामीलकर्ता, अर्दली, चपरासी, माली, चौकीदार, सफाई कर्मचारी और न्यायालय के चौकीदार एवं सफाई कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।