महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि ये पद 15 फीसदी रोस्टर की परिधि में ही भरे जा सकते हैं। उन्होंने माना कि यह सही है कि इस कोटे में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। 392 पद एचआरटीसी में ही खाली हैं।
उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि पूर्व सैनिकों के आश्रितों को भी उनके कोटे की समय रहते नौकरियां मिल सकें। जहां भी प्रावधान होगा, वहां इस बारे में प्रयास होंगे। कहा कि पूर्व सैनिकों की 16, 18 या 20 साल की उम्र में सेना में एनरोलमेंट हो जाती हैै।
15 साल की नौकरी के बाद उनकी उम्र 32 से 35 साल हो जाती है। ये अपने-अपने नाम का पंजीकरण हमीरपुर में करवाते हैं। इनके लिए सरकारी नौकरी में 15 प्रतिशत का रोस्टर जारी किया गया है।
15 साल तक ये सेना में सेवाएं देते हैं तो कहा जाता है कि इन्हें सिविल का ज्ञान नहीं है। उन्हें पता नहीं होता कि उनकी पात्रता किस पद के लिए है। इसके लिए अकादमी से सहयोग लिया जा सकेगा।