संघ तीन हजार शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर भेजने का भी विरोध करता है। इन शिक्षकों को पढ़ाने के लिए स्कूलों में भेजा जाए। उनका कहना है कि पहली नियुक्ति और पदोन्नति के बाद शिक्षकों को दुर्गम क्षेत्रों में भेजा जाए, लेकिन इस दिशा में भेदभाव नहीं होना चाहिए।
संघ के नेता ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए, ताकि शिक्षकों के साथ भी न्याय हो सके। संघ इस बात पर भी चिंता जताई कि पूर्व सैनिकों के शिक्षकों के बाद बनी वरिष्ठता सूची तैयार है परंतु इसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका और पदोन्नति से वंचित रहना पड़ रहा है।