हिमाचल प्रदेश में बोर्डों-निगमों के अध्यक्षों-उपाध्यक्षों पर हर महीने सरकार लाखों रुपए खर्च कर रही है। इस खर्च में अध्यक्ष उपाध्यक्षों की मासिक तनख्वाह के अलावा उनके ड्राइवर, स्टाफ और गाड़ी का खर्च शामिल है। यह जानकारी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने नाचन के भाजपा विधायक विनोद कुमार के सवाल के लिखित जवाब में दी। सरकार के मुताबिक वर्तमान में प्रदेश में विभिन्न बोर्डों और निगमों में कुल 19 चेयरमैन और 17 वाइस चेयरमैन हैं।
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष हर्ष महाजन का मासिक खर्च 2 लाख 74 हजार 181 रुपये है। हिमाचल प्रदेश उद्यान उपज विपणन एवं विधायन समिति के वाइस चेयरमैन प्रकाश ठाकुर का मासिक खर्च 38,024 रुपये है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ख्वाजा खलील उल्लाह का पांच हजार, समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सत्या परमार का 45 हजार, स्वतंत्रता सेनानी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष सुशील चंद रत्न का 2 लाख 19 हजार 290 रुपये और कर्मचारी एवं अन्य कामगार बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेंद्र मनकोटिया का 75 हजार रुपये है।
कांगड़ा सहकारी बैंक के अध्यक्ष का खर्चा लगभग 90 हजार
कांगड़ा सहकारी बैंक के अध्यक्ष जगदीश सिपहिया का 89 हजार 702 रुपये और कर्मकार कल्याण बोर्ड के चेयरमैन हरदीप सिंह बावा का मासिक खर्च 1,01,026 रुपये है। हिमफेड अध्यक्ष अजय सिंह बहादुर का 88,776 रुपये, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप पठानिया का 84 हजार 318 और एचपीएसआईडीसी के उपाध्यक्ष अतुल शर्मा का दो लाख 42 हजार 900, आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष राजेंद्र राणा का 1 लाख 51 हजार 160, वन निगम के अध्यक्ष केवल सिंह पठानिया का 2 लाख 59 हजार 10 रुपये और पर्यटन विकास बोर्ड के अध्यक्ष मेजर विजय सिंह मनकोटिया का का मासिक खर्च 81 हजार 268 रुपये है।
पर्यटन निगम के उपाध्यक्ष हरीश जनार्था का 1 लाख 23 हजार 659, पूर्व सैनिक निगम के अध्यक्ष का 77000 रुपये, वूल फेडरेशन के चेयरमैन रघुबीर सिंह का 1 लाख 18 हजार 23 रुपये, जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष हरभजन सिंह भज्जी का 96 हजार 521 रुपये, मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष चेतराम ठाकुर का 90 हजार 535, अनुसूचित जाति निगम के अध्यक्ष टेकचंद डोगरा का 1 लाख 84 हजार, लघु बचत के उपाध्यक्ष प्रकाश करड का 1 लाख 58 हजार 189, रोजगार सृजन समिति के अध्यक्ष हर्षवर्द्धन चौहान का 29 हजार 600, बीस सूत्रीय कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष रामलाल ठाकुर का 97 हजार 731, योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर का 1 लाख 2 हजार 559, कैलाश फेडरेशन के अध्यक्ष बृज लाल का 11 हजार 400 रुपये, महिला आयोग की अध्यक्ष जैनब चंदेल का मासिक खर्च1 लाख रुपये है।