इस कदम के बाद सरकार ने यू टर्न ले लिया है। अब सरकार कैबिनेट में ही पुनर्नियुक्ति और सेवा विस्तार के मामले लाकर उन्हें मंजूरी प्रदान कर रही है।
हाल में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने पूर्व मुख्य सचिव के निजी सचिव रहे उमेद राम, ट्रेजरी में कार्यरत गोपाल चंद और 14 वें वित्त आयोग में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) रहे रिटायर्ड एचएएस अधिकारी अभय पंत को पुनर्नियुक्ति देते हुए 15 वें वित्त आयोग में फिर से ओएसडी लगा दिया है।
इन कर्मचारियों के अलावा कैबिनेट ने दो पूर्व मुख्यमंत्रियों प्रेम कुमार धूमल और शांता कुमार के स्टाफ को भी रिटायरमेंट के बाद सेवा विस्तार प्रदान किया है।
खास बात यह है कि यह निर्णय भी सरकार ने पिछली सरकार की तर्ज पर कैबिनेट में तो लिए लेकिन इन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया। जाहिर है पिछली सरकार की कैबिनेटों के दौरान होने वाले गोपनीय एजेंडे और निर्णयों की तर्ज पर ही भाजपा सरकार भी चलने लगी है।