नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री
- फोटो : अमर उजाला
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश की बहुमूल्य संपत्तियों को बेचने की तैयारी का सिलसिला थम नहीं रहा। अभी हेरिटेज होटलों को बेचने का मसला शांत नहीं हुआ है, दूसरी तरफ सरकार ने प्रदेश की तीन अहम आयुर्वेद फार्मेसी को पीपीपी मोड (प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप) में निजी हाथों में बेचने की तैयारी कर ली है।
ऊना में प्रेसवार्ता के दौरान मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार ने अपनी वेबसाइट राइजिंग हिमाचल में इसकी जानकारी साझा कर बाकायदा इन तीनों संपत्तियों की 250 करोड़ कीमत भी तय कर दी है। मुकेश ने कहा कि आखिर हिमाचल की संपत्तियों को बेचने की नौबत क्यों आ रही है। ऐतिहासिक नाहन फाउंड्री को थीम म्यूजियम कम कल्चरल हॉट के नाम पर निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है।
इसकी जानकारी भी सरकार ने वेबसाइट पर दे रखी है। नेता विपक्ष ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश की संपत्तियों को बेचने के सख्त खिलाफ है। अगर सरकार ने इस तरह का कोई कदम उठाया तो सदन से लेकर सड़क तक उसका विरोध होगा। उन्होंने कहा कि हैरत की बात है कि प्रदेश सरकार ने विभागों को पत्र लिखकर उनसे खाली जगह का ब्योरा मांगा है ताकि प्रयोग में न होने वाली जमीनों को बेचा जा सके।
पत्र बम से भाजपा में गृह युद्ध की शुरुआत
अग्रिहोत्री ने कांगड़ा जिले के बहुचर्चित पत्र बम प्रकरण पर कहा कि पत्र किसने लिखा, क्यों लिखा। यह जांच का विषय है। लेकिन इससे यह साबित हो गया है कि प्रदेश भाजपा में गृह युद्ध की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा के ही पूर्व मंत्री से इस मामले में पूछताछ और उनका मोबाइल जब्त होना यह सरकार के लिए ठीक संकेत नहीं हैं।