नाम न लिखने की शर्त पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विभाग प्रोत्साहन राशि को भी एक हजार तक करने पर विचार कर रहा है। पीसीसीएफ वन्य जीव सविता ने कहा कि वर्तमान में विभाग पांच सौ रुपये देता है।
अगर जरूरत हुई तो इसे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। पूर्व वीरभद्र सरकार ने शिमला नगर निगम क्षेत्र में बंदरों को वर्मिन घोषित करने के बाद मारने वाले को तीन सौ रुपये देने का एलान किया था। इस दौरान एक भी बंदर नहीं मारा गया।
इसके बाद शिमला समेत 39 तहसीलों में बंदरों को वर्मिन घोषित किया गया तो विभाग ने भी प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर पांच सौ कर दिया, लेकिन एक साल में सिर्फ पांच बंदर ही मारे गए। ऐसे में विभाग इस बार लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए बंदरों से निपटने के लिए प्रोत्साहित करने पर विचार कर रहा है।