हिमाचल सरकार में आयुर्वेद एवं सहकारिता मंत्री कर्ण सिंह का वीरवार रात्रि को निधन हो गया। दिल्ली स्थित एम्स में वीरवार रात्रि को उन्होंने आखिरी सांस ली। वह बीते 18 अप्रैल से एम्स दिल्ली में उपचाराधीन थे। उनके निधन से कुल्लू समेत हिमाचल में शोक लहर है।
हिमाचल सरकार ने मंत्री कर्ण सिंह के निधन पर राजधानी शिमला व कुल्लू जिला में एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। शुक्रवार दोपहर बाद हेलीकॉप्टर से उनका पार्थिव शरीर को कुल्लू लाया गया।
रघुनाथपुर स्थित रूपी पैलेस में हिंदू धर्म के अनुसार सभी रीति-रिवाज पूरे करने के बाद भूतनाथ में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम दर्शनों के लिए रूपी पैलेस में सैंकड़ों समर्थक उमड़े।
जानकारी के अनुसार कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण उन्हें एम्स दिल्ली में दाखिल करवाया गया था। जहां वीरवार देर रात्रि उनका उपचार के दौरान निधन हो गया। मंत्री कर्ण सिंह का एक बेटा आदित्य विक्रम सिंह हैं। जो वर्तमान में मंडी संसदीय क्षेत्र युंका अध्यक्ष हैं।
अंतिम संस्कार के दौरान परिवहन मंत्री जीएस बाली, पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा, विधायक महेश्वर सिंह, गोविंद ठाकुर, डीसी युनूस, एसपी पदम चंद, डीएसपी शिव चौधरी, पूर्व मंत्री सत्य प्रकाश ठाकुर, पूर्व मंत्री खिमी राम, कांग्रेस महामंत्री सुंदर सिंह ठाकुर, मनाली मंडल अध्यक्ष भुवनेश्वर गौड़, कांग्रेस नेता प्रेम शर्मा, देवेंद्र नेगी, भाजपा प्रदेश महामंत्री राम सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
कैबिनेट मंत्री कर्ण सिंह के निधन पर शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुक गया है। जैसे ही कर्ण सिंह के देहांत का समाचार मिला प्रशासन ने राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुका दिया।
साल 2015 सितंबर में उन्हें वीरभद्र सरकार में आयुर्वेद मंत्री बनाया गया था। वह कुल्लू के बंजार विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे। 1998 में राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। उनके बड़े भाई महेश्वर सिंह भी वर्तमान में कुल्लू से विधायक हैं।