मुख्यमंत्री सुक्खू ने सत्ता संभालने के बाद सरकार ने विभागों में बड़ा फेरबदल नहीं किया है। वे अकसर विपक्ष को ये कहते नजर आता रहे हैं कि आपके समय में भी यही अधिकारी थे, हम भी इन अधिकारियों से काम ले रहे हैं। तबादला करके अधिकारियों को तंग नहीं किया जाएगा। लेकिन अब जिस तरह से घटनाक्रम हुआ है, ऐसे में सरकार को अधिकारियों के तबादला करने की जरूरत महसूस हुई है।
तबादले होने की भनक लगते ही मनपसंद की पोस्टिंग के लिए कई अधिकारियों ने मंत्री और विधायकों के चक्कर काटना भी शुरू कर दिए हैं। यह अफसर अलग-अलग माध्यमों से मुख्यमंत्री से भी संपर्क साधने की जुगत भिड़ाने में जुटे हैं।
प्रतिभा तैनाती को लेकर कई बार उठा चुकीं मामला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी मुख्यमंत्री से बार-बार संगठन पदाधिकारियों को निगम और बोर्डों में तैनाती का मामला उठाती रही हैं। हाईकमान के समक्ष भी उन्होंने ये प्रस्ताव रखा है। अब सरकार में संगठन पदाधिकारियों को तरजीह दी जानी है।
विधायक भी इच्छा कर चुके जाहिर
सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस विधायकों की बैठक में भी ये मामला उठा है। मंत्री और विधायकों ने संगठन पदाधिकारियों की सरकार में तैनात किए जाने की बात कही है। इसके अलावा जनहित कार्यों में रुचि रखने वाले अधिकारियों को अहम ओहदों पर बिठाने पर भी चर्चा हुई है।