साल 2012 में प्रदेश के दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों में स्थित ऐसे सरकारी स्कूलों में एसएमसी शिक्षकों को तैनात किया गया, जहां नियमित शिक्षक सेवाएं देने से परहेज करते थे। पूर्व सरकार इन शिक्षकों को एक-एक साल का सेवा विस्तार देती आई है।
लेकिन जयराम सरकार ने इस बार सेवा विस्तार नहीं दिया है। शीतकालीन स्कूलों में नियुक्त एसएमसी शिक्षकों का सेवा विस्तार 31 दिसंबर 2017 को समाप्त हो चुका है, जबकि ग्रीष्मकालीन स्कूलों में 31 मार्च को सेवा विस्तार समाप्त हुआ है। अब दो अप्रैल से एसएमसी शिक्षक स्कूलों में सेवाएं नहीं दे सकेंगे।
एसएमसी आधार पर 150 जेबीटी, 991 सीएंडवी, 599 टीजीटी, 771 पीजीटी और 110 डीपीई शिक्षक प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में कार्यरत हैं। टीजीटी और पीजीटी को सरकार साढ़े 11 हजार रुपये, सीएंडवी को 8400 रुपये और जेबीटी को छह हजार रुपये मानदेय मिलता है।
दो अप्रैल को प्रस्तावित मंत्रिमंडल की बैठक में एसएमसी शिक्षकों को सेवा विस्तार मिलने के आसार हैं। विधानसभा में सरकार ने एसएमसी शिक्षकों के लिए नीति बनाने की घोषणा की है। ऐसे में संभावित है कि दो अप्रैल की बैठक में शिक्षकों को सेवा विस्तार देते हुए आगामी दिनों में नीति पर भी फैसला होगा।