इसके लिए नर्सों को ट्रेनिंग देने के पैटर्न को मजबूत करने की आवश्यकता है। जमा दो मेडिकल के बाद बीएससी नर्सिंग कोर्स होता है। यह कोर्स चार साल का रहता है। इसके बाद बैच वाइज या फिर परीक्षा पास करने के बाद इनकी अस्पतालों में तैनाती होती है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव बीके अग्रवाल का कहना है कि हिमाचल में नर्सिंग ट्रेनिंग पैटर्न को मजबूत करने की आवश्यकता है। इस पर स्वास्थ्य विभाग गंभीरता से मंथन कर रहा है। सरकार का मानना है कि केरल का ट्रेनिंग अव्वल दर्ज का है। चार साल प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद कैंपस से ही नर्सों की सेलेक्शन होती है।