धर्मशाला में हुई हिमाचल कैबिनेट की अहम बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सरकार ने युवाओं के लिए नौकरी का पिटारा खोला है वहीं, कई बड़ी योजनाएं भी शामिल हैं।
कैबिनेट ने 433 फॉरेस्ट गार्डों, राजस्व विभाग में 88 पद भरने समेत विभिन्न विभागों में नौकरियों का पिटारा खोला है। इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार पाने का मौका मिलेगा। सरकार ने वन विभाग में वनरक्षकों के कुल 433 पदों को भरने का फैसला लिया है। ये पद अनुबंध आधार पर भरे जाएंगे। इसमें हाल ही में विज्ञापित किए गए 220 पद भी शामिल हैं।
इन पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके अलावा सरकार ने फैसला लिया कि राजस्व विभाग में भी खाली पड़े 88 पदों को भरा जाएगा। ये पद पहले से ही सृजित किए गए हैं। साथ ही तहसील नगरोटा बगवां, बलद्वाणा, दाड़लाघाट और भडरोटा सब तहसील में भी 45 नए पदों को सृजित कर उन्हें भरने का फैसला लिया गया है।
यहां भी निकली नौकरियां
जुविनाइल जस्टिस बोर्ड में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के 24 पदों और वूमन एंड चाइल्ड डवलपमेंट विभाग में भी 30 पदों को भरने का फैसला लिया गया। कैबिनेट ने निहारी में सीएचसी के लिए 15 पद भी सृजित किए हैं।
सरकार ने जिला परिषद में जूनियर अकाउंटेंट के पद को नियमित करने और एक पद अनुबंध आधार पर भरने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। खाद्य आपूर्ति विभाग में जूनियर ऐनालिस्ट का पद भी अनुबंध आधार पर भरने का निर्णय लिया गया।
कैबिनेट ने खाद्य आपूर्ति विभाग और उपभोक्ता मामले विभाग में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के 19 पदों और क्लर्क के खाली पड़े 19 पदों को भरने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। साथ ही आईजीएमसी के फोरेंसिक मेडिसीन विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद को भी भरा जाएगा। इसके अलावा एमसी शिमला और डेंटल कॉलेज में खाली पड़े पदों को भरा जाएगा।
तीन रोपवे को मंजूरी
अब प्रदेश के तीन स्थानों पर सैलानी हवा में बातें करते हुए चंद मिनटों में ही तय गंतव्य तक पहुंच जाएंगे। हिमाचल मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को तीन रोप-वे बनाने को मंजूरी दी है। ये रज्जू मार्ग धर्मशाला, चामुंडा और शिमला में बनाए जाएंगे। कैबिनेट ने इन्हें सार्वजनिक-निजी भागीदारी से बनाने की स्वीकृति दी है। हर रोप-वे को बनाने का खर्च लगभग ढाई सौ करोड़ या इसके आसपास आएगा।
मंत्रिमंडल की बैठक में तीन रोप-वे बनाने को मंजूरी दी गई। एक रोप-वे कांगड़ा जिला में धर्मशाला से मैकलोडगंज के बीच बनाया जा रहा है। दूसरा रोप-वे भी कांगड़ा जिला में ही चामुंडा मंदिर से आदि हिमानी चामुंडा के मध्य बनाया जाएगा।
तीसरा शिमला में पर्यटन सूचना केंद्र (टीआईसी) से लेकर लिफ्ट और लिफ्ट से द माल शिमला तक बनाया जाना है। प्रदेश के ये तीनों ही क्षेत्र पर्यटन के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इन रोप-वे को बनाने का मकसद भी सैलानियों को सुखद यात्रा का एहसास करवाना है।
प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को भी सरकार की मंजूरी
इसके अलावा कैबिनेट ने प्रदेश में प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को भी मंजूरी दी है। सरकार ने फैसला लिया है कि कि हिमाचल प्रदेश एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल के लिए बैंच का गठन किया जाएगा। इसका अधिकार क्षेत्र पूरे प्रदेश में होगा।
शिमला के अलावा मंडी और धर्मशाला में भी इसके बैंच होंगे। मंत्रिमंडल ने फैसला लिया कि पंचायत चुनाव से पहले वर्तमान में ग्राम सभाओं यानि पंचायतों को ही पुर्नगठित किया जाएगा। नई पंचायतों का गठन नहीं किया जाएगा। इससे नई पंचायतों को बनाने में लगने वाला पैसा विकास पर खर्च हो सकेगा।
ये फैसले भी देंगे राहत
सरकार ने सीएचसी आनी को भी अपग्रेड करने का फैसला लिया है। अब इस स्वास्थ्य केंद्र को 30 बेड से अपग्रेड कर 50 बेड का किया जाएगा। इसी तरह रोहड़ू के सिविल अस्पताल को भी 150 से बढ़ाकर 200 बेड का किया जाएगा।
सरकार ने पधर और सीएचसी कुनिहार को भी अपग्रेड करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। ऊना के पालकवाह में नया पीएचसी खुलेगा। वहीं, कुनिहार ब्लॉक की मांगल पंचायत सर्वे के आधार पर गैर-पिछड़ी पंचायत घोषित कर दी गई है।
महिला पुलिस थाना शिमला, धर्मशाला तथा मंडी को जल्द ही नए वाहन भी मुहैया करवाए जाएंगे। वहीं, भाखड़ा विस्थापितों को नए बिलासपुर शहर में आवंटित प्लाटों का स्वामित्व पट्टा आधार पर 999 वर्षों के लिए एक रुपये प्रति वर्ग मीटर की टोकन राशि पर हस्तांतरित होगा।
शिक्षकों को भी सरकार ने दिया तोहफा
कैबिनेट ने स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) शिक्षकों का सेवाकाल बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। जिन शिक्षकों का सेवाकाल दिसंबर में समाप्त हुआ है और जिनका सेवाकाल मार्च 2015 में समाप्त होना है, उनक सेवाकाल एक साल बढ़ा दिया है। प्रदेश में नई नीति के तहत तहत करीब 2500 शिक्षकों को भर्ती किया गया था। एक साल के लिए तैनात इन शिक्षकों को पीरियड आधार पर रखा गया है।
मंत्रिमंडल ने 2013-14 तथा 2014-15 में एसएमसी के अंतर्गत पीरियड आधार पर रखे गए शिक्षकों की क्लाज 10 के तहत छूट प्रदान करते हुए शिक्षण सत्र 2014-15 और 2015-16 के लिए अध्यापकों की सेवाओं को जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके साथ ही सरकार ने एक साल के लिए नए एसएमसी शिक्षकों की भर्ती को भी मंजूरी दी है।
जेपी सीमेंट प्लांट के विस्तार को मंजूरी
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को धर्मशाला में हुई कैबिनेट बैठक में जलविद्युत परियोजना क्रियान्वित करने से पहले विस्तृत परियोजना रिपोर्ट सौंपने जैसी औपचारिकताएं पूरी न करने पर निजी क्षेत्र की कुछ लघु जल विद्युत परियोजनओं का आवंटन रद्द कर दिया है।
इनमें एक मेगावाट की घागस, 2.50 मेगावाट की आनी-4, एक मेगावाट की नजन, 1.50 मेगावाट की सूही, 3 मेगावाट की चाचुल, 5 मेगावाट की ज्वाइनर टॉप-1 तथा 0.80 मेगावाट की सैंज भगाड़ू परियोजनाएं शामिल हैं।
कैबिनेट ने 1.5 मेगावाट की चतरखंड जल विद्युत परियोजना में देरी के लिए कुछ पेनल्टी लगाकर इसे दोबारा बहाल करने का निर्णय लिया। इसके अतिरिक्त चार मेगावाट की चंद्रनाहन जल विद्युत परियोजना की क्षमता वृद्धि एवं एलीवेशन में परिवर्तन का निर्णय लिया गया। बैठक में क्लींकराइजेशन क्षमता में बढ़ोतरी के लिए सोलन के बाघा स्थित जेपी हिमाचल सीमेंट प्लांट के विस्तारीकरण को भी मंजूरी दी।
तिब्बतियन पुनर्वास नीति को स्वीकृति
मंत्रिमंडल ने भारत सरकार की तिब्बतियन पुनर्वास नीति 2014 के दिशा निर्देश अनुसार तिब्बतियन पुनर्वास नीति को स्वीकृति प्रदान की। इससे हिमाचल में लंबे समय से रह रहे निर्वासित तिब्बतियों के मसले हल होंगे।
सामान्य श्रेणी के गरीबों को राहत
ग्रामीण क्षेत्रों के सामान्य श्रेणी के गरीबी रेखा से नीचे रह रहे लाभार्थियों के लिए राजीव आवास योजना के अंतर्गत घरों की मरम्मत के लिए शर्त में ढील देते हुए इस अवधि को 10 वर्ष करने का निर्णय लिया गया।
जंगी थोपन के लिए बढ़ाया समय
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर के 960 मेगावाट जंगी, थोपन पंवारी पावर प्रोजेक्ट के टेंडर खरीदने के लिए एक बार फिर समय बढ़ा दिया गया है। ऊर्जा निदेशालय की ओर से नौ फार्म तक टेंडर फार्म खरीदने और 16 मार्च तक जमा करने की तिथि तय की गई है। राज्य सरकार के आदेश पर यह समय सीमा बढ़ाई गई है। इसे लेने के लिए तकरीबन आठ बड़े घराने आ चुके हैं। इसमें टाटा, रिलायंस, जिंदल, जेपी आदि ग्रुप भी शामिल है।
पंचायतों पर लिया ये बड़ा फैसला
हिमाचल में सैकड़ों ग्राम पंचायतों का खाका जल्दी बदलेगा। मंत्रिमंडल ने नई ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार के पास पुनर्गठन के लिए 598 ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव मिल चुके हैं। सरकार नई ग्राम पंचायतों का गठन कर इन पर आर्थिक बोझ नहीं बढ़ाना चाहती है, इसीलिए पुनर्गठन का फैसला लिया गया है।
ग्राम पंचायतों की संख्या 3243 ही रहेगी जबकि इनमें से सैकड़ों पंचायतों के आकार घट-बढ़ जाएंगे। राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव इसी साल प्रस्तावित हैं। चुनाव से पहले सैकड़ों ग्राम पंचायतों का स्वरूप परिवर्तन होगा। जिन ग्राम पंचायतों की जनसंख्या 1000 से कम है, उनके आकार बढ़ाए जा सकते हैं। जिनकी जनसंख्या 5000 से ज्यादा है, उनके आकार घटाने की तैयारी है।
ठीक इसी तरह से जिन ग्राम पंचायतों की भौगोलिक परिस्थितियां अनुकूल नहीं हैं, उनमें भी बदलाव किए जा सकते हैं। यानी अगर किसी ग्राम पंचायत का कोई क्षेत्र इसके मुख्यालय से बहुत दूर हो और किसी दूसरी ग्राम पंचायत के मुख्यालय के निकट हो तो उसे भी इधर-उधर किया जा सकता है। सरकार अब मिल चुके प्रस्तावों की समीक्षा के बाद ही ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन की दिशा में आगे बढ़ेगी।
बनेगी नई आबकारी नीति
उत्तराखंड सहित दूसरे राज्यों की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी शराब की दुकानों की नीलामी की जाएगी। प्रदेश की आय बढ़ाने के लिए नई आबकारी नीति बनाई जाएगी। शुक्रवार को धर्मशाला में आयोजित कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया।
अगले वित्तीय वर्ष से किसी भी शराब की दुकान की रिन्यूवल नहीं की जाएगी। आबकारी से प्रदेश को अभी एक हजार करोड़ रुपये की आय होती है। इस आय को बढ़ाने की कोशिश है। इसके लिए प्रदेश में जितनी भी छोटी और बड़ी शराब की दुकानें हैं, उन्हें रिन्यूवल करने के बजाय नीलामी की जाएगी।
प्रदेश में पिछले दस साल के बाद यह बड़ा बदलाव करने की तैयारी है। इस पर कैबिनेट में काफी चर्चा की गई। इसके बाद यह फैसला लिया गया।
एक तरफ राहत, दूसरी तरफ झटका
कैबिनेट बैठक में निजी क्षेत्र की हवाई सेवाओं के पेट्रोल पर लगने वाले वैट को 27 से घटाकर एक फीसदी करने का फैसला लिया गया है। सरकारी हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए पेट्रोल पर अभी भी एक फीसदी ही वैट लगता है।
प्रदेश से बाहर से बल्क में डीजल लाने वालों पर पांच फीसदी एंट्री टैक्स बढ़ा दिया है। अब 7 के बजाय 12 फीसदी एंट्री टैक्स लगेगा। इससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर किसी प्रकार का असर नहीं पड़ेगा।
वहीं, कैबिनेट में शिमला और चामुंडा रज्जू मार्गों के रियायत शुल्क कितना होगा, यह भी तय कर दिया गया। धर्मशाला-मैकलोडगंज रज्जू मार्ग के वार्षिक रियायत शुल्क पर आयुक्त पर्यटन, विशेष सचिव वित्त और हिमाचल प्रदेश औद्योगिक विकास बोर्ड के मुख्य महाप्रबंधक की एक समिति विचार करेगी। यह समिति पलचान-रोपन रज्जू मार्ग के वार्षिक रियायत शुल्क में सुधार पर भी राय देगी।
पंचायत सहायक भर्ती पर भी फैसला
अब नए नियमों के अनुसार 348 पंचायत सहायकों की भर्ती के लिए पहले लिखित परीक्षा ली जाएगी। इसे स्कूल शिक्षा बोर्ड लेगा। तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों का पंजीकरण भत्ता 200 से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। यह 1 अप्रैल से लागू होगा।
आईजीएमसी शिमला में सीधी भर्ती से फोरेंसिक मेडिसन विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर का एक पद भरेगा। डेंटल कॉलेज शिमला में ओरल मेडिसन एंड रेडियोलॉजी विभाग में प्रवक्ता का एक पद सहायक प्रोफेसर के तौर पर स्तरोन्नत होगा।
नगर निगम शिमला में वेटरनरी फार्मासिस्ट के पद को स्तरोन्नत कर पशुपालन सहायक किया गया है। हाल ही में अनुबंध आधार पर चयनित 28 स्टाफ नर्सों के ज्वाइनिंग पीरियड को एक साल के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया।