बाईपास कर की गई इस नियुक्ति पर भाजपा के इस बडे़ नेता ने कड़ी आपत्ति जताई। आरोप लगाया है कि अनुपाल चौहान पार्टी में सक्रिय नहीं हैं। सूत्रों की मानें तो कद्दावर नेता ने संघ के पदाधिकारियों तक भी यह बात पहुंचाई।
शनिवार को भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री ऑफिस पहुंचकर भी इसकी नाराजगी जताई। भाजपा नेता की इस नाराजगी पर निदेशक की नियुक्ति के पीछे का पूरा इतिहास खंगाला गया। मंत्री दफ्तर से फाइल तलब की गई, लेकिन फाइल न मिलने पर सीएम दफ्तर से एक नोट जारी करना पड़ा। इसके बाद शहरी विकास विभाग ने नियुक्ति की अधिसूचना को वापस ले लिया।
अनुपाल चौहान ने कहा - मेरा परिवार जनसंघ से जुड़ा हुआ है। मैं व्यापारी संघ का भी अध्यक्ष रहा हूं। हर सरकार का सम्मान करना मेरा कर्त्तव्य है।