स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि चोरी-छिपे अवैध तौर पर प्रसव पूर्व लिंग जांच तथा भ्रूण हत्या करने वालों की सूचना देने वाले व्यक्तियों को एक लाख रुपये इनाम दिया जाएगा। सरकार ने इनाम राशि को 10 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख किया है। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाता है।
लोगों से अपील की कि प्रसव पूर्व लिंग जांच अथवा कन्या भ्रूण हत्या करवाने वाले व्यक्तियों की सूचना देने में सहयोग करें। सोमवार को पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के तहत गठित राज्य पर्यवेक्षी बोर्ड की 6वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा लोगों को जागरूक करने के लिए जिला, खंड स्तर पर शिक्षा शिविर लगाए जाएंगे।
इनमें जन प्रतिनिधियों, आशा तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त अन्य हितधारकों को शिक्षित किया जाएगा। कहा कि प्रदेश में शिशु लिंग दर असमानता को दूर करने के लिए और अधिक प्रयास किए जाएंगे। लिंगानुपात को संतुलित बनाने के लिए पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम को और अधिक सख्ती से क्रियान्वित किया जाएगा।
राज्य में स्थापित अल्ट्रासाउंड मशीनों पर रखें कड़ी निगरानी
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ने कहा कि प्रदेश में सरकारी एवं निजी क्षेत्र में कुल 261 क्लीनिक पंजीकृत हैं। यहां अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध है। अप्रैल से 31 अगस्त तक प्रदेश भर में 226 निरीक्षण किए गए। इस दौरान दो क्लिनिकों का पंजीकरण भी निरस्त किया गया। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में स्थापित सभी अल्ट्रासाउंड मशीनों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
समय-समय पर विशेषकर निजी क्लिनिकों के निरीक्षण किए जाएं। मंत्री ने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को जिला स्तरीय पर्यवेक्षी बोर्डों की नियमित बैठकें करने के निर्देश दिए। राज्य स्वास्थ्य सुरक्षा एवं नियमन बोर्ड के निदेशक एवं राज्य पर्यवेक्षी बोर्ड के सचिव रामेश्वर शर्मा ने कार्यवाही का संचालन किया।
बैठक में विधायक आशा कुमारी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) विनीत चौधरी, उपायुक्त ऊना अभिषेक जैन, स्वास्थ्य निदेशक डा. डीएस गुरंग, शिमला, ऊना, बिलासपुर, कुल्लू तथा हमीरपुर जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों सहित बोर्ड के सरकारी और गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे।