हिमाचल सरकार ने दस हजार जेबीटी शिक्षकों को बड़ा झटका दिया है। सरकार ने खंड स्रोत केंद्र समन्वयक (बीआरसीसी) की भर्ती पॉलिसी में संशोधन किया है। इससे 10 हजार से अधिक जेबीटी बीआरसीसी बनने को योग्यता पूरी नहीं कर पाएंगे। नई भर्ती नियमों से अब वही जेबीटी बीआरसीसी बनने के योग्य होंगे, जिनके जेबीटी डिप्लोमा में 50 प्रतिशत अंक हों।
इतना ही नहीं, 10वीं और 12वीं में भी 50 फीसदी अंकों की अनिवार्यता कर दी है। बीआरसीसी के लिए सरकार की नई शर्तों से 10 हजार से अधिक शिक्षक बीआरसीसी योग्यता से बाहर हो जाएंगे। प्रदेश में वर्तमान में 25000 से अधिक जेबीटी हैं। इनमें 10 हजार से अधिक जेबीटी ऐसे हैं, जिनके पास अंकों वाला कोई प्रमाणपत्र नहीं है।
इनमें कुछ तदर्थ, अनुबंध से नियमित हुए प्राथमिक शिक्षक तो कुछ स्वयंसेवी शिक्षक से नियमित हुए शिक्षक हैं। वर्ष 2001 से पहले प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति को न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं थी। प्रदेश में अधिकतर प्राथमिक शिक्षक 2001 से पहले ही नियुक्त हुए हैं। शिक्षकों का कहना है कि इन शिक्षकों पर भी 12वीं की शैक्षणिक योग्यता को कैसे लागू किया जा सकता है।