हिमाचल सरकार ने प्रदेश के भारतीय वन सेवा के अधिकारियों को पदोन्नति दी है। इस संबंध में सरकार ने सोमवार को अधिसूचना भी जारी की है। आईएफएस एसके कपटा को पदोन्नति कर अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन प्रबंधन बनाया है। आईएफएस अनु नाग और आलोक प्रेम नागर को अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल पदोन्नत किया गया है। साथ ही आईएफएस के थिरूमल, मीना शर्मा और एचके सरवाता को पदोन्नति देकर चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट बनाया है। एचके सरवाता को चंबा में लगाया है। आईएफएस अभिलाष दामोदरन, बासु कुशल वसंत और किरण बाबू को अरण्यपाल वन पदोन्नति दी गई है।
ईको टूरिज्म सोसायटी संस्था के साथ मिलकर बनाएगी मास्टर प्लान
वन विभाग मुख्यालय शिमला में प्रधान मुख्य अरण्यपाल अजय श्रीवास्तव (वन बल प्रमुख) की अध्यक्षता में सोमवार को हिमाचल प्रदेश ईको पर्यटन पर हितधारकों की ऑनलाइन बैठक हुई। ईको टूरिज्म सोसायटी एक निजी संस्था के माध्यम से राज्य के लिए व्यापक ईको टूरिज्म मास्टर प्लान तैयार कर रही है। बैठक में समुदायों के प्रशिक्षण पर भी चर्चा की गई। श्रीवास्तव ने कहा कि पर्यटन और इको टूरिज्म के साथ राजस्व प्राप्ति के लिए ईको टूरिज्म गतिविधियों के अलावा राज्य के वन और पारिस्थितिकी का संरक्षण भी करना चाहिए। हिमाचल पहला राज्य है, जिसने वर्ष 2001 में ईको टूरिज्म नीति तैयार की थी। सीईओ और मुख्य वन अरयपाल राजेश शर्मा और प्रीति भंडारी, डीसीएफ ने राज्य की मौजूदा नीति और ईको टूरिज्म के लिए केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अलावा राज्य में की जा रही गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया।